ईरान के बंदर अब्बास पोर्ट पर शनिवार को हुए विस्फोट में मरने वालों की संख्या 40 हो गई, जबकि 1200 से ज्यादा लोग घायल हैं। यह विस्फोट बंदर अब्बास पोर्ट के ठीक बाहर शाहिद राजाई पोर्ट के सिना कंटेनर यार्ड में हुआ था। यहां पर ट्रांसपोर्ट कंटेनर्स को रखा जाता है, जिसमें ऑयल और अन्य पेट्रोकेमिकल फेसिलिटी भी है। शुरुआती जांच में पता चला था कि घटनास्थल पर ज्वलनशील पदार्थों के स्टोरेज में लापरवाही से यह हादसा हुआ। ईरान को अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों की वजह से जरूरी इक्विपमेंट नहीं मिल पाते हैं, इस वजह से यहां पर अक्सर इंडस्ट्रीयल दुर्घटनाएं होती रहती हैं। यह बंदरगाह ईरानी की राजधानी तेहरान से 1000 किमी दूर है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी आज की अन्य प्रमुख खबरें.. 100 दिन में ट्रम्प की अप्रूवल रेटिंग गिरकर 45% पहुंची , एक महीने में 4% की गिरावट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल को जल्द ही 100 दिन पूरे होने वाले हैं। उन्होंने 20 जनवरी को राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी, लेकिन इन बीते 100 दिनों में ट्रम्प को लेकर अमेरिकी लोगों की राय लगातार नकारात्मक होती जा रही है।, CNN के SSRS सर्वे में ट्रम्प की अप्रूवल रेटिंग 41% तक पहुंच गई है। मार्च में उनकी अप्रूवल रेंटिंग 45% थी, जिसमें 4% की गिरावट आई है। 52% अमेरिकी का मानना है कि ट्रम्प का दूसरा कार्यकाल देश के मौलिक रूप को को स्थायी रूप से बदल देगा। वहीं, 36% लोगों का कहना है कि ट्रम्प की तरफ से किए महत्वपूर्ण बदलाव उनके पद छोड़ने के बाद फीके पड़ जाएंगे, और केवल 12% लोगों का कहना है कि ट्रम्प का दूसरे कार्यकाल से देश में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं आएगा। अमेरिका-ईरान के बीच न्यूक्लियर प्रोग्राम पर तीसरी बार बातचीत हुई, अगली मुलाकात यूरोप में होगी अमेरिका और ईरान ने शनिवार को ओमान में ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को बातचीत की। दोनों देशों ने कहा कि समझौते की बातचीत आगे बढ़ी है। ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि ये इन चर्चाएं पहले से कहीं अधिक विस्तार से हुई हैं। एक सीनियर अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि दोनों पक्षों ने जल्द ही यूरोप में फिर से मिलने पर सहमति जताई है। हालांकि दोनों पक्षों के बयान यह भी बताते हैं कि अभी काफी काम बाकी है। इन वार्ताओं में मध्यस्थता कर रहे ओमान के विदेश मंत्री बद्र अलबुसैदी ने X पर पोस्ट करते हुए कहा कि ‘मुख्य सिद्धांतों, उद्देश्यों और तकनीकी चिंताओं’ पर चर्चा हुई है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने मस्कट में हुई बातचीत के बाद सरकारी टेलीविजन से कहा कि यह दौर पहले की तुलना में कहीं अधिक गंभीर था। हम धीरे-धीरे ज्यादा विस्तृत और तकनीकी चर्चाओं की तरफ जा रहे हैं।
