एफआईआर में वित्तीय अनियमितता के आरोप हैं। ईडी के अनुसार, वर्ष 2015-16 से 2017-18 के बीच अनियमितता की बात सामने आई है। इसमें कथित तौर पर ट्रेजरी चालान में फर्जीवाड़ा और हेराफेरी, शराब की खरीद के लिए अवैध रूप से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने में गड़बड़ी की गई।
