दमोह के मिशन अस्पताल में 7 हृदय रोगियों की मौत के आरोपी फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर एन जॉन केम की जेल रिमांड पूरी होने के बाद दमोह पुलिस ने गुरुवार शाम 4 बजे आरोपी को न्यायालय में पेश किया। इस दौरान छत्तीसगढ़ के सरकंडा थाने की पुलिस आरोपी डॉक्टर की रिमांड लेने के लिए कोर्ट पहुंची। छत्तीसगढ़ पुलिस के आवेदन पर सीजीएम स्नेहा सिंह ने डॉक्टर को छत्तीसगढ़ पुलिस के हवाले कर दिया। वहीं दूसरी सुनवाई में डॉक्टर ने अपने अधिवक्ता सचिन नायक की फीस और अन्य ज़रूरी सामग्री से जुड़े खर्च के लिए लीगल एडवाइजर वकील मनीष नगाइच को एक लाख का चेक दिया है। चेक देने पर न्यायधीश ने डॉक्टर से यह भी कहा कि आप क्या अधिवक्ता मनीष को जानते हैं जो आप उन्हें चेक दे रहे हैं। इस पर डॉक्टर का कहना था कि उन्हें कई चीजों की जरूरत है, कई भुगतान करने हैं। इसके लिए पैसे की आवश्यकता है और उन्हें अधिवक्ता पर पूरा भरोसा है। इस मामले में सीएसपी अभिषेक तिवारी ने बताया कि छत्तीसगढ़ पुलिस आरोपी डॉक्टर की लेने कोर्ट पहुंची थी। कोर्ट ने मंजूरी दे दी है। शासन की ओर से मामले की पैरवी कर रहे एडीपीओ सतीश कपस्या ने बताया कि आज कोर्ट में दो कार्रवाई हुई है। एक कार्रवाई में आरोपी डॉक्टर के अधिवक्ता ने फीस भुगतान के लिए मांग की थी जिस पर डॉक्टर ने चेक दिया है। दूसरा मामला बिलासपुर छत्तीसगढ़ के सरकंडा थाने से जुड़ा है, जहां पूर्व विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र शुक्ला की इलाज के दौरान मौत हुई थी, उस मामले में भी पुलिस ने डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोपी डॉक्टर की मांग पर मामले की पैरवी लीगल डिफेंस एडवाइजर अधिवक्ता मनीष नगाइच ने की। डॉक्टर ने कोर्ट को बताया कि उसके सभी ट्रांजैक्शन बंद हैं। अधिवक्ता की फीस नहीं दे सकता, इसलिए उसे अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाए। अधिवक्ता मनीष ने बताया कि डॉक्टर ने पूर्व अधिवक्ता की फीस और अन्य खर्चों के लिए चेक दिया है। वहीं छत्तीसगढ़ पुलिस को डॉक्टर से पूछताछ करनी है। न्यायाधीश ने डॉक्टर का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद उन्हें छत्तीसगढ़ पुलिस को चार दिन के लिए सौंपा है। अब छत्तीसगढ़ न्यायालय तय करेगा कि आरोपी डॉक्टर को रिमांड बढ़ानी है या फिर वापस दमोह जेल भेजना है। इस दौरान आरोपी डॉक्टर ने कहा कि वह न्यायिक प्रक्रिया में पूरा साथ देंगे। वहीं छत्तीसगढ़ पुलिस से जुड़े अधिकारियों ने इस मामले में कुछ भी नहीं बोला। यह खबर भी पढ़ें… हार्ट का फर्जी डॉक्टर…:दावा- दमोह में 7 और बिलासपुर में ले चुका है 8 जानें, इनमें छग के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष भी दमोह के मिशन अस्पताल में हार्ट सर्जरी के बाद सात मरीजों की मौत के मामले में नया खुलासा हुआ है। खुद को कार्डियोलॉजिस्ट बताने वाला फर्जी डॉक्टर नरेंद्र विक्रमादित्य यादव उर्फ नरेंद्र जॉन केम पहले भी इसी तरह के मामले में शामिल रहा है। आरोप है कि इस डॉक्टर ने बिलासपुर के अपोलो अस्पताल में भी 7–8 मरीजों की जान ली थी। उनमें छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद शुक्ल भी शामिल थे। डॉक्टर नरेंद्र वहां भी इसी तरह फरार हो गया था, जैसे अब दमोह से हुआ है। पूरी खबर पढ़ें… ये खबरें भी पढ़ें… दमोह अस्पताल के डॉक्टर का कैसे हुआ पर्दाफाश दमोह में मिशन अस्पताल की कैथ लैब सील 7 हार्ट पेशेंट की मौत का आरोपी डॉक्टर गिरफ्तार 7 मरीजों की मौत का आरोपी बोला-हां, मेरी डिग्री फर्जी
