क्या सरकार OP चौधरी चला रहे हैं ?:वित्त मंत्री ने दिया जवाब, साय कैबिनेट में बदलाव और शिक्षा मंत्री बनाए जाने पर भी बोले

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पूर्व IAS अधिकारी और वर्तमान में छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री OP चौधरी अक्सर विपक्ष के सवालों के घेरे में रहते हैं। जब से प्रदेश में भाजपा सत्ता में आई है तब से सरकार में OP चौधरी के रोल को लेकर विपक्ष सवाल करता रहा है। ये पूछा जाता रहा है कि क्या सरकार में OP चौधरी का कंट्रोल है? ये सवाल सीधे वित्त मंत्री से दैनिक भास्कर ने पूछ लिया, पढ़िए मंत्री ने जवाब में क्या कहा… सवाल- छत्तीसगढ़ की सरकार कौन चला रहा है, किसका कंट्रोल है, यह सवाल अक्सर भूपेश बघेल और कांग्रेसी पूछते हैं ?
जवाब- देखिए यह कांग्रेस में होता है, भूपेश बघेल को बताना चाहिए कि उनकी सरकार कौन चला रहा था। भारतीय जनता पार्टी में संगठन और हमारे कार्यकर्ता और जनता जो निर्णय करते हैं, जो नेतृत्व निर्धारित करते हैं, उसके ही नेतृत्व में सारे लोग काम करते हैं। हमारे मुख्यमंत्री वरिष्ठ आदिवासी नेता हैं। तीन बार प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं, वह रायगढ़ से चार बार सांसद रहे हैं, विधायक रहे हैं, केंद्र में मंत्री रहे हैं। इतना वरिष्ठतम आदिवासी व्यक्ति आज हमारे छत्तीसगढ़ में नेतृत्व कर रहा है। यह हम सबके लिए गर्व की बात है। कांग्रेस जानबूझकर अपनी परंपरा और अपनी परिपाटी के अनुसार बात करती है। जाकि रही भावना जैसी, जैसे उनके भाव हैं वैसी बाते हैं। जैसे उनके यहां जय और वीरू का झगड़ा होता रहता था। अनर्गल आरोप-प्रत्यारोप लगाते रहते हैं। संगठन में प्रदेश अध्यक्ष के और सरकार में मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हम सब लोग काम कर रहे हैं। सवाल- मंत्रिमंडल में बदलाव होगा तो आपको शिक्षा मंत्री बना दिया जाएगा, क्या ये सच है ?
जवाब- इसपर तो मुख्यमंत्री को निर्णय करने का अधिकार है और हमारे कुछ मंत्रियों के पद रिक्त हैं। यह मुख्यमंत्री तय करते हैं, कुछ मंत्रियों के पद रिक्त हैं, तो दिल्ली का नेतृत्व और मुख्यमंत्री मिलकर तय करेंगे किसे क्या काम कराना है। सवाल- क्या जब आप सभी मंत्री जुटते हैं, तो चर्चा होती है, कौन नया मंत्री बन रहा है ?
जवाब- मैं कभी नहीं पूछता हूं और यह मुख्यमंत्री काे फाइनल करना होता है। उनपर है कि वो कब मंत्रिमंडल का विस्तार करेंगे और मुख्यमंत्री जो निर्णय लेंगे उसे हमारे पार्टी के सभी लोग सहर्ष स्वीकार करेंगे। सवाल- प्रदेश में जीएसटी का कलेक्शन बढ़ा है, लेकिन चर्चा है कि व्यापारी नाखुश है, उनपर आपका दबाव है, ये कांग्रेस कह रही ?
जवाब- कांग्रेस के समय में कई गुना ज्यादा दबाव था व्यापारियों पर, लेकिन वह दबाव था कांग्रेसियों के जेब में पैसे इकट्ठा करने का। हमने आज सारे बिजनेस प्रोसेस को सरल किया है। कारोबारियों के 65 हजार ऐसे केस थे, जिसमें 25 हजार तक वैट का टैक्स जमा करना था, एक झटके में इसे समाप्त कर दिया। देखिए, पैसा बड़ी बात नहीं है, लेकिन उसके लिए व्यापारियों को दफ्तर के चक्कर काटने पड़ते, वकील करना, केस लड़ना यह सब करना पड़ता। इन सारे झंझटों से व्यापारियों को मुक्ति देने का काम किया। हमने जीएसटी ऑफिस में इज ऑफ डूइंग बिजनेस सेल बना रखा है। जो कॉल सेंटर है वह लगातार काम कर रहा है। लगातार स्टेकहोल्डर के साथ हम मीटिंग करते हैं। केंद्र का जो जीएसटी है उसमें कुछ शिकायत नहीं आती थी तो उसे हमने दिल्ली को अवगत कराया। गड़बड़ी करने वालों को सीबीआई से भी पकड़वाया गया, कुछ लोग सस्पेंड किए गए। चौधरी ने कहा- मुख्यमंत्री के नेतृत्व में टैक्स के रिफॉर्म्स हो रहे हैं, जिससे टैक्स देने वाले व्यक्ति के लिए प्रक्रियाओं में सुधार किया जा रहा है। पंजीयन में कांग्रेस के जमाने में 14 दिन का समय लगता था, उसे सरल करते हुए अब मात्र 3 दिन का समय लगता है। आगे हम उसको एक दिन तक लाने के लिए भी काम कर रहे हैं। कांग्रेस के समय जो वसूली थी, उसके बारे में मैं आपको बताना चाहूंगा कि उनके समय में अगर 75 केस में रेड पड़ती थी तो सरकार के खजाने में मात्र 6 करोड़ रुपए जमा होता था। और हमारे समय में 75 केस हो रेड के तो 100 करोड़ से ऊपर का टैक्स सरकार के खजाने में जमा हुआ है। कांग्रेस के जमाने में उनकी जेब में पैसे जमा होता था। इसलिए सरकार के खजाने में पैसा नहीं आता था। इसलिए छत्तीसगढ़ का ग्रोथ रेट नहीं दिखता था। आज जो भी पैसा व्यापारी भाई देते हैं वह सरकार के खजाने में जमा होता है । इससे प्रदेश के स्वास्थ्य, शिक्षा, कॉलेज, स्कूल सड़कों के विकास के काम हो रहे हैं। सवाल- टेक्नोलॉजी पर किस तरह से फोकस कर रही है सरकार जवाब- आज टेक्नोलॉजी का युग है। आप जानते हैं कि गूगल, एपल, फेसबुक जैसी कंपनियों का मार्केट कैप कुछ देशों की GDP से अधिक है। दुनिया के जो आर्थिक रूप से पॉवरफुल देश हैं, उनकी इकोनॉमी को रन करने में टेक्नोलॉजी का सबसे बड़ा योगदान है। तो हमें टेक्नोलॉजी पर फोकस करना होगा। इसीलिए हमने इस बार के गति बजट में T फॉर टेक्नोलॉजी को रखा है। मंत्री ने कहा- हम टेक्नोलॉजी को अडॉप्ट कर रहे हैं। हम ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार देने की बात करते हैं तो जादू की छड़ी हमारे पास भी नहीं है कि हम घुमाएंगे रोजगार क्रिएट हो जाएगा। लेकिन पिछले डेढ़ साल के कामों को देखिए नया रायपुर में सेमीकंडक्टर यूनिट आ गया, AI डेटा पार्क शुरू कर रहे हैं। इससे छत्तीसगढ़ में आईटी सेक्टर में बूम आएगा। स्थानीय लोगों को रोजगार मिल रहा है। वहां अलग-अलग तीन आईटी कंपनियां काम कर रही हैं। इससे दूसरे इंवेस्टर्स का कॉन्फिडेंस बढ़ता है कि यहां एक अच्छा इकोसिस्टम है। सवाल- अपकमिंग कौन से काम होने जा रहे हैं, आपके विभाग में ?
जवाब- हमनें हाल ही में जमीन रजिस्ट्री से जुड़े रिफॉर्म किए हैं। और बड़े काम हम करने जा रहे हैं, जैसे पासपोर्ट के ऑफिस होते हैं वैसे उसे तरह के मॉडल ऑफिसेज हम रजिस्ट्री से जुड़े बनाने जा रहे हैं। चंद महीनों में इसे लाया जाएगा। जो सॉफ्टवेयर है पंजीयन का उसे और बेहतर डेवलप करने जा रहे हैं, जिसे पूरे देश के अन्य राज्य अनुकरण करेंगे। इस तरह के कई काम हम पूरे कार्यकाल में छत्तीसगढ़ में करेंगे जो जनता को दिखाई देंगे। ……………………………… ओपी चौधरी से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… भ्रष्ट अफसरों को मंत्री OP ने सिखाया सबक: मंत्रालय बुलाकर कहा- तुम्हारी फाइलें हैं, ACB को दे दूंगा, कुछ में सिर्फ कोरे कागज थे छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने भ्रष्ट अफसरों को सबक सिखाया है। अफसर जमीन के रजिस्ट्री होते ही जमीन के नामांतरण करने के सिस्टम के खिलाफ थे और हड़ताल पर जाने की तैयारी कर रहे थे। वॉट्सऐप पर मैसेज भेजे जाने लगे। ये बात मंत्री OP चौधरी को पता लगी। उन्होंने इसके पीछे शामिल अफसरों को मंत्रालय बुलवाया। पुरानी गड़बड़ियों की डिटेल निकलवाई। पढ़ें पूरी खबर

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