21 मई को अबूझमाड़ के जंगलों में हुई ऐतिहासिक नक्सल विरोधी कार्रवाई में सीपीआई माओवादी के शीर्ष कमांडर बसव राजू उर्फ बीआर दादा को मारे जाने के बाद माओवादी संगठन ताश के पत्तों की तरह बिखरने लगा है। अनेक माओवादी कैडर अपने छिपने के ठिकानों से भागकर आत्मसमर्पण के लिए आगे आ रहे हैं।
