पसलियां टूटी, पैर टूटा, योग ने किया ठीक:26 फीट का कपड़ा निगलकर करते हैं बॉडी डिटॉक्स, मोर की तरह करते हैं बॉडी-बैलेंस

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62 साल के डॉ छगनलाल सोनवानी, 26 फीट का कपड़ा निगल जाते हैं, फिर इसे बाहर कर देते हैं, सिर के बल खड़े हो जाते हैं, मोर के पॉश्चर की तरह पूरी बॉडी को बैलेंस कर लेते हैं। दो सड़क हादसे में इनकी पसलियां टूट चुकी हैं, सिर में 40 टांके लगे थे, दोनों पैर फ्रैक्चर हो चुके थे सर्जरी के बाद उनमें रॉड लगी थी। पूरा शरीर दो से तीन सालों तक दर्द में रहा, मगर योग के जरिए छगनलाल दवाओं पर निर्भरता को खत्म किया। आयुर्वेद के अनुसार डाइट फॉलो करना शुरू किया। आसना प्राणायाम किए और खुद को फिट कर लिया। जो पैर फ्रैक्चर थे उनकी रॉड निकाल ली गई, अब दर्द को हरा चुके हैं। चेहरे पर योग से मिलने वाले आराम की मुस्कान है। रायपुर के खमतराई के रहने वाले डॉ छगनलाल पेशे से भनपुरी के सरकारी स्कूल के प्रधान पाठक थे। फिलहाल रिटायर हो चुके हैं और अपनी जिंदगी योग के नाम कर चुके हैं। अब बतौर योग ट्रेनर डॉ छगन नई पीढ़ी के बच्चों को ट्रेनिंग दे रहे हैं। इनसे सीखकर सरकारी स्कूल के बच्चों ने कई राष्ट्रीय योग प्रतियोगिताओं में छत्तीसगढ़ को मेडल दिलाए हैं। 26 फीट कपड़े वाली वस्त्र धौती क्रिया वैसे तो हर मुश्किल आसन डॉ छगनलाल कर लेते हैं। मगर इनमें सबसे हटकर है वस्त्र धौती क्रिया। इसमें वो 26 फीट लंबे कपड़े को मुंह में डालकर निगल जाते हैं। कपड़ा अंदर न जाए तो बीच-बीच में पानी पीकर उसे अंदर करते हैं। पूरा कपड़ा शरीर के अंदर भेजकर कुछ देर रुकते हैं। इसके बाद कपड़े के लास्ट छोर को खींचकर वापस 26 फीट कपड़ा बाहर निकाल देते हैं। डॉ छगन बताते हैं कि इस क्रिया से पेट पूरी तरफ हो जाता है। इससे पेट के रोग नहीं होते, कफ खत्म होती है, गंदा फैट बाहर आता है। पूरी बॉडी इससे डिटॉक्स होती है। ऐसे ही अपने शरीर को डॉ छगन अंदर से साफ रखते हैं। वो कहते हैं कि इसे किसी ट्रेनर की निगरानी में ही करना चाहिए, क्योंकि ये एक मुश्किल क्रिया है। जब बुरी हालत में था शरीर
अपने साथ हुए हादसे के बारे में डॉ छगनलाल बोले- 1992 मेरा रोड एक्सीडेंट हो गया। 3 पसलियां टूट गई, रीढ़ में फ्रैक्चर था, सिर में 40 टांके आए थे। मैं एक बेल्ट बांधकर पड़ा रहता था। खांसी या छींक आ गई तो शरीर में ऐसा दर्द होता था मानों, असंख्य कोड़े पड़ रहे हों। पेट के बल सोया करता था। इलाज के दौरान डॉक्टर्स ने मुझे योग की सलाह दी। डॉ छगन बोले- मैं टीचर था तो तब शासन की ओर से मुझे भोपाल में योग प्रशिक्षण सेंटर जाने का मौका मिला। वहां रहकर मैंने योग सीखा तीन महीने रहा, कुंजल और षटकर्म क्रिया करवाई गई। हम तीन से 4 घंटे योग करते थे, योग के बारे में पढ़ते थे वहां से रुचि बढ़ी और मैंने देखा कि मैं ठीक हो रहा हूं। मगर फिर 2018 में भी मेरा एक्सीडेंट हुआ दोनों पैर फ्रैक्चर हुए उनमें रॉड लगी। इन आसनों से हुए ठीक डॉ छगन ने बताया कि 2018 के हादसे के बाद फिर एक बार शरीर बेड पर था। दोनों पैर में प्लास्टर था। मैं जैसे तैसे बॉडी के अपर पार्ट की और हाथों की योग क्रिया करता था। भुजंग आसन किया मरकट आसन किया जिसे बंदर मुद्रा भी कहा जाता है, एक योग आसन है जिसके कई लाभ हैं। यह रीढ़ की हड्डी के लचीलेपन को बढ़ाता है, पीठ दर्द से राहत देता है, और पाचन में सुधार करता है। जब पैरों से प्लास्टर हटा तो मैंने वृक्षासन, उत्कटासन, त्रिकोणासन, सेतुबंधासन, और वीरभद्रासन। ये आसन पैरों की मांसपेशियों को मजबूत करने, लचीलापन बढ़ाने और संतुलन में सुधार करने में मदद करते हैं, ये सब करता रहा और ठीक हुआ। तीन सफेद जहर इनसे दूर रहने की सलाह डॉ छगन ने बताया कि हमारे योग गुरुओं ने सिखाया कि योगा के साथ आहार का बड़ा महत्व है। हमें बताया गया कि तीन सफेद जहर से दूर रहने से हम स्वस्थ्य रह सकते हैं वो हैं नमक, शक्कर, मैदा और डालडा। मुझे याद है जब मेरे दोनों पैर टूट गए थे मैंने 18 महीने नमक का सेवन नहीं किया। दर्द से लड़ने में राहत मिली। बच्चों को कर रहे जागरूक, वो ला रहे मेडल डॉ छगन अब भनपुरी में बच्चों को फ्री में योगा की ट्रेनिंग देते हैं। ताकि आने वाली पीढ़ी फिट हो और नशे से दूर रहे। छगनलाल ने बताया कि मैं बच्चों को खाने के बारे में जागरूक करता हूं। हम अपनी क्लासेस बताते हैं जो प्रकृति से मिलता है, जैसे पत्तेदार सब्जियां, फल ये सब अधिक खाने चाहिए। जो घर पर न बनता हो टोस्ट, बिस्किट, चिप्स ये सभी शरीर पर बुरा असर डालते हैं। इनसे उन्हें दूर रहने को कहता हूं। डॉ छगन से ट्रेनिंग लेकर बच्चों ने कई नेशनल कॉम्पीटिशन में छत्तीसगढ़ को मेडल दिलाए हैं। आप इन योगासनों से जी सकते हैं हेल्दी लाइफ छत्तीसगढ़ योग शिक्षक संघ के महासचिव और इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के योग वाटिका के अनुदेशक डॉ .नवीन पटेल ने दैनिक भास्कर के साथ कुछ ऐसे योग आसान शेयर किए हैं जो डेली लाइफ में आने वाली बीमारियों से हमें बचाते हैं। शरीर के इम्यून सिस्टम को ऐसा बनाते हैं कि वो बीमारियां हमें हों ही ना। हार्ट के लिए भुजंगासन फायदे
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