CRPF का SI 17 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट…22 लाख गंवाए:कहा-2 करोड़ का गैरकानूनी ट्रांजेक्शन हुआ, पत्नी के गहने गिरवी रखे, बेटे की FD तोड़ी

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CRPF के अंबिकापुर बटालियन में पदस्थ SI को ठगों ने 17 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट में रखा। उनके आधार नंबर से दिल्ली में खोले गए खाते में 2 करोड़ रुपए का गैर कानूनी लेन-देन होने का झांसा दिया। ठगों ने SI से 22 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी कर ली। रकम देने के लिए एसआई ने पत्नी के गहने गिरवी रखे और बेटे की एफडी तोड़कर राशि ठगों को भेजी। मामला गांधीनगर थाना क्षेत्र का है। टेलीकॉम डिपार्टमेंट के नाम पर आया फोन जानकारी के मुताबिक, CRPF अंबिकापुर के SI आर. महेंद्रन (55 वर्ष) ने गांधीनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि वे 5 जून की सुबह करीब 9.23 बजे CRPF कैंप अंबिकापुर में थे। इसी बीच एक व्यक्ति ने मोबाइल पर कॉल कर कहा कि वह टेलीकॉम डिपार्टमेंट गवर्नमेंट ऑफ इंडिया, दिल्ली से रविशंकर बोल रहा हूं। आपके आधार से सिम कार्ड लिया गया है और उक्त सिम से गैर कानूनी काम हो रहे हैं। सिम 2 घंटे में बंद हो जाएगा। इसकी रिपोर्ट दिल्ली पुलिस को दी जा रही है। वीडियो कॉल कर किया डिजिटल अरेस्ट कुछ देर बाद SI के मोबाइल पर फिर से फोन आया। ठग ने खुद को दिल्ली पुलिस का कर्मचारी बताकर आर. महेंद्रन से उनका वॉट्सऐप नंबर पूछा। इसके बाद उसके मोबाइल पर वीडियो कॉल आया। वीडियो कॉल करने वाला व्यक्ति पुलिस यूनिफॉर्म में था। उसने ऑनलाइन कॉल में अपना आईडी दिखाया और कहा कि आपके आधार नंबर से बैंक ऑफ बड़ौदा की नेहरू पैलेस, दिल्ली शाखा में 23 जनवरी 2025 को खाता खोला गया है। गैर कानूनी लेन-देन का झांसा देकर ठगी वीडियो कॉल करने वाले ने आर. महेंद्रन का आधार नंबर बताते हुए कहा कि आपके आधार नंबर से खोले गए खाते में 2 करोड़ रुपए का गैर कानूनी ट्रांजेक्शन पकड़ा गया है। सीआरपीएफ जवान ने बताया कि वह मेरा खाता नहीं है। कॉलर ने कहा कि पकड़े गए आरोपी ने बताया है कि उसने 10 प्रतिशत राशि खाता धारक को दी है। ठग ने आरबीआई का अलग-अलग खाता नंबर देकर वेरिफिकेशन के नाम पर रुपए ट्रांजेक्शन करने को कहा। वेरिफिकेशन के बाद 72 घंटे के अंदर रुपए वापस खाते में भेजने की बात कही। इसी बीच वीडियो कॉल पर डीसीपी, सीबीआई के नाम पर दूसरा व्यक्ति बात करने लगा। उसने एसआई को एक खाता नंबर दिया। उसमें 6 जून को 49 हजार 999 रुपए डालने के लिए कहा। सीआरपीएफ एसआई ने दिए गए खाते में सैलरी अकाउंट से रुपए ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद उसने सीआरपीएफ जवान को कहा कि तुम्हारे खाते में जितना पैसा है उसका वेरिफिकेशन किया जाएगा। सीआरपीएफ जवान ने डर से अपने खाते का 2 लाख 58 हजार 648 रुपए ठगों के द्वारा बताए गए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिया। गिरफ्तारी का भय दिखा मांगे 10 लाख रुपए 8 जून को सीआरपीएफ एसआई को कॉल कर बताया गया कि वेरिफिकेशन में 17 हजार रुपए का अपराधी के खाते से लेन-देन मैच हुआ है। आपके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस बनेगा और आज शाम तक गिरफ्तारी की जाएगी। फिर भी आपको बचाने की कोशिश की जाएगी। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट में बात करूंगा। इसके बाद फोन कट गया। कुछ देर बाद फिर कॉल कर बताया गया कि तुम कल तक 10 लाख रुपए का इंतजाम करो। तुम्हारे परिवार को खतरा हो सकता है। इसलिए ये बात किसी को मत बताना। एसआई ने डर से किसी को नहीं बताया और हर घंटे वॉट्सऐप पर उसे अपना रिपोर्ट देता रहा। पत्नी के जेवर पर लिया लोन CRPF SI के पास 9 जून को फिर से फोन आया और कहा गया कि रुपए की व्यवस्था के संबंध में पूछताछ की गई। एसआई के मना करने पर कहा गया कि 10 लाख नहीं दोगे तो बेल नहीं हो पाएगी और शाम तक गिरफ्तारी कर ली जाएगी। डर से सीआरपीएफ जवान ने पत्नी के जेवर बैंक में गिरवी रखकर 10 लाख रुपए ठगों के दिए गए खाता नंबर में ट्रांसफर कर दिया। ठगों ने 10 जून को फिर कॉल कर कहा गया कि उसे बेल मिल गई है। उसने बेल नोटिस SI के वॉट्सऐप पर भेजा। इसके बाद 11 जून को फिर से सीआरपीएफ जवान को फोन कर बताया कि तुम्हारे और तुम्हारे परिवार के सदस्यों का एफडी और इश्योरेंस का भी वेरिफिकेशन किया जाएगा। इसके लिए 7 लाख रुपए व्यवस्था करने को कहा गया। इसके बाद ही छुटकारा मिलने की बात कही गई। सीआरपीएफ एसआई ने डर कर अपने बेटे की एफडी तोड़कर 5 लाख 1140 रुपए ठगों द्वारा बताए गए खाते में ट्रांसफर कर दिया। इसके बाद ठगों ने कहा कि वेरिफिकेशन के बाद आपके सारे रुपए वापस कर दिए जाएंगे, जिस-जिस खाते से रुपए ट्रांसफर किए गए हैं। इसके बाद फ्रॉड का मोबाइल बंद हो गया। 17 दिनों तक बाद ठगी का पता चला 23 जून को ठगों का मोबाइल बंद बताने लगा तो CRPF SI को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उसने मामले की रिपोर्ट गांधीनगर थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात मोबाइल धारकों के खिलाफ धारा 66 (डी) व 118 (4) के तहत अपराध दर्ज किया है सरगुजा ASP अमोलक सिंह ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। जिन खातों में पैसे ट्रांसफर किए गए हैं, उनकी खोजबीन की जा रही है।

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