ईडी ने निगम के इस घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। आरोपियों की 34 करोड़ की संपत्तियां अटैच की गई है। कुर्क की गई संपत्तियों में मध्य प्रदेश और यूपी में स्थित 43 अचल संपत्तियां शामिल हैं। ईडी ने फर्जी बिल घोटाले के संबंध में आईपीसी, 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत एमपी पुलिस, इंदौर द्वारा दर्ज विभिन्न एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की।
