‘महादेव बुक’ के बाद छत्तीसगढ़ में ‘शिवा बुक’ की एंट्री:20 करोड़ का संदिग्ध लेनदेन, दुर्ग से दुबई कनेक्शन; नागपुर से 6 आरोपी पकड़ाए

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छत्तीसगढ में महादेव बुक के बाद शिवा एप की एंट्री हुई है। खैरागढ़-गंडई-छुईखदान जिले में 20 करोड़ का ऑनलाइन सट्टा खिलाने का मामला सामने आया है। आरोपियों का एक गिरोह है जो ‘शिवा बुक’ नाम के एप से पैसे का लेनदेन करता है, इसका कनेक्शन दुर्ग और नागपुर दो जगहों पर मिला है। बताया जा रहा है इन एप्स का कनेक्शन दुबई तक है। मामला खैरागढ़ थाना क्षेत्र का है। सटोरिए महाराष्ट्र के नागपुर में किराए से एक फ्लैट लिए थे, जहां से इसका संचालन किया जाता था। मोबाइल-लैपटॉप से ऑनलाइन गेमिंग एप पर सट्टा खिलाते थे। 12 जुलाई को पुलिस ने नागपुर से 6 आरोपियों की गिरफ्तारी की है, सभी छत्तीसगढ़ के रहने वाले है। जांच में सामने आया है कि जिस सर्वर से महादेव बुक चलाया जाता था उसी सर्वर से इस ‘शिवा एप’ का भी इस्तेमाल हो रहा था। पुलिस इस डिटेल्स की जांच कर रही है और ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कही इसका कनेक्शन हवाला, ड्रग्स और बिटकॉइन के संदिग्ध लेनदेन में तो नहीं। एक ही सोर्स कोड पर काम कर रहा एप बताया जा रहा है महादेव सट्टा एप के ब्लॉक होते ही कई तरह के एप तुरंत बना लिए जाते है। बेब साइट की मास्किंग की, नाम बदला, ले आउट चेंज किया इससे एप का पूरा लुक चेंज कर दिया जाता है और फिर इसका संचालन करते है। जो लोग महादेव एप्प में पैसा लगाते थे वो लोग अब इसमें पैसा डालकर खेल रहे है। जांच में यह भी सामने आया है कि महादेव बुक, अन्ना रेड्डी, लोटस, शिवनाथ और शिवा बुक जैसे एप एक ही सर्वर से चलते हैं। आरोपी सिर्फ एप का नाम और लोगो बदलकर लोगों को धोखा देते हैं। सभी एप एक ही सोर्स कोड पर काम करते हैं। एजेंसियों के मुताबिक, यह नेटवर्क हवाला, ड्रग्स और बिटकॉइन के संदिग्ध लेनदेन में भी शामिल रहा है। खैरागढ़ पुलिस जब्त डेटा और बैंक डिटेल्स की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या शिवा बुक एप का नेटवर्क महादेव बुक या अन्ना रेड्डी रैकेट से लिंक है। नगद, मोबाइल, लैपटॉप बरामद आरोपियों के कब्जे से 50 हजार रुपए नगद और बैंक खातों में 2.28 लाख रुपए जब्त किए हैं। इसके अलावा 25 मोबाइल फोन, 2 लैपटॉप, 26 एटीएम कार्ड, 19 बैंक पासबुक और 14 चेकबुक भी मिले हैं। आरोपियों के पास से 8 आधार कार्ड, पासपोर्ट और सट्टे के हिसाब-किताब के रजिस्टर भी बरामद हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने बैंक खातों और UPI से 20 करोड़ रुपए से ज्यादा का लेनदेन किया है। एसपी लक्ष्य शर्मा के निर्देश पर सायबर सेल और थाना छुईखदान की टीम ने नागपुर में कार्रवाई की। पुलिस के मुताबिक, इस नेटवर्क का मुख्य संचालक दुर्ग का रहने वाला एक व्यक्ति है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। इस नेटवर्क में और भी लोगों की संलिप्तता की संभावना है। अभी और कार्रवाई होना बाकी – SP लक्ष्य शर्मा एसपी लक्ष्य शर्मा ने बताया कि 18 जून 2025 को खैरागढ़ का एक व्यक्ति ऑनलाइन जुआ खेल रहा था, तब पुलिस ने उसे पकड़ा। फिर इस एप के सर्वर को ट्रेस किया गया, जिससे 2 ब्रांच का पता चला। एक ब्रांच दुर्ग में थी दूसरी ब्रांच नागपुर में थी। पुलिस ने सारे सिस्टम को ध्वस्त कर दिया है। अभी इसमें और कार्रवाई होना बाकी है। इन आरोपियों के नाम पुलिस ने बताया है ……………………….. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… महादेव एप के कारोबार में छत्तीसगढ़ के लड़के बैन:प्रदेश के अकाउंट्स भी इस्तेमाल नहीं कर रहे सरगना; हेडक्वार्टर श्रीलंका शिफ्ट छत्तीसगढ़ में 6,000 करोड़ रुपए के महादेव घोटाले में केंद्रीय जांच एजेंसियां सीबीआई और ईडी के साथ पुलिस भी एक्शन में है। यही वजह है कि महादेव बुक के किं​गपिन (प्रमोटर्स) सौरभ चंद्राकर ने अपने सट्टा कारोबार में छत्तीसगढ़ के लड़कों को रखने पर पूरी तरह से बैन लगा दिया है, खासकर रायपुर और दुर्ग-भिलाई के क्योंकि ऐसे लड़के सीबीआई और पुलिस के रडार में हैं। पढ़ें पूरी खबर…

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