दवा निर्माताओं ने मांग उठाई है कि दवाओं के कच्चे माल और तैयार दवाओं पर जीएसटी की दर समान होनी चाहिए। वर्तमान में कच्चे माल पर 18% जीएसटी लगता है, जबकि तैयार दवाओं पर 12% जीएसटी है। इससे व्यापार में परेशानी हो रही है और दवाएं महंगी हो रही हैं। एसोसिएशन ने जीएसटी काउंसिल से दर घटाकर 5% करने की मांग की है।
