नर्सिंग कॉलेज मान्यता फर्जीवाड़े के बाद हाई कोर्ट ने अब प्रदेश के पैरामेडिकल कॉलेजों की मान्यता और प्रवेश में गड़बड़ियों पर सख्ती बरती है। हाई कोर्ट ने सवाल किया है कि जब सत्र 2023-24 और 2024-25 गुजर चुके हैं, तो उनकी मान्यता 2025 में कैसे दी जा सकती है। यह न केवल बेतुका बल्कि हास्यास्पद भी है।
