शिकागो में ट्रम्प की नीतियों के खिलाफ बड़ा विरोध-प्रदर्शन:हजारों लोगों सड़कों पर उतरे, ट्रम्प को तनाशाह बताते हुए मार्च निकाला

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अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की विवादास्पद पॉलिसियों के खिलाफ गुरुवार को बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। अप्रवासियों को डिपोर्ट करने और गरीबों के लिए मेडिकेड सुविधाओं में कटौती के विरोध में 1600 से ज्यादा जगहों पर प्रदर्शन आयोजित हो रहे हैं। इन प्रदर्शनों को ‘गुड ट्रबल लिव्स ऑन’ नेशनल डे ऑफ एक्शन नाम दिया गया है, जो दिवंगत सांसद और ह्यूमन राइट एक्टिविस्ट जॉन लुइस को समर्पित है। आयोजकों ने लोगों से प्रदर्शनों को शांतिपूर्ण रखने की अपील की है। शिकागो इन विरोध-प्रदर्शन का मुख्य सेंटर रहेगा। दोपहर में शहर के डाउनटाउन में प्रदर्शनकारी एकत्र होंगे। शिकागो में आयोजित रैली में एक कैंडल मार्च निकाला जाएगा। विरोध प्रदर्शन की तस्वीरें देखिए… पब्लिक सिटिजन ग्रुप ने प्रदर्शन आयोजित किया पब्लिक सिटिजन ग्रुप की को-प्रेसिडेंट लिसा गिल्बर्ट ने मंगलवार को कहा- हम अपने देश के इतिहास के सबसे डरावने दौर से गुजर रहे हैं। हमें सरकार में बढ़ती तानाशाही रवैये और कानून के उल्लंघन का सामना करना पड़ रहा है, जो हमारी लोकतांत्रिक आजादी और अधिकारों को चुनौती दे रहा है। पब्लिक सिटिजन ग्रुप एक नॉन प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन (NGO) है, जो बड़े कॉर्पोरेट घराने के खिलाफ काम करता है। ये प्रदर्शन खास तौर पर अटलांटा, सेंट लुइस, ओकलैंड (कैलिफोर्निया) और एनापोलिस (मैरीलैंड) में होने की प्लानिंग है। जॉन लुइस ने मार्टिन लूथर के साथ काम किया था जॉन लुइस का 2020 में 80 साल की उम्र में कैंसर की वजह से निधन हो गया था। वे ह्यूमन राइट आंदोलन के “बिग सिक्स” नेताओं में से एक थे, जिसकी लीडरशिप मार्टिन लूथर किंग जूनियर कर रहे थे। लुइस ने 1965 में ‘ब्लडी संडे’ मार्च निकाला था, जिसमें वोटिंग अधिकारों के लिए 600 लोग अलबामा के एडमंड पेट्टस ब्रिज पर मार्च कर रहे थे। इस दौरान पुलिस ने उन पर हमला कर दिया। इस दौरान लुइस की खोपड़ी टूट गई थी। इस घटना ने वोटिंग राइट्स एक्ट 1965 को पारित करने में अहम भूमिका निभाई थी। लॉस एंजिलिस में 8 जून ट्रम्प के खिलाफ प्रदर्शन हुआ था ट्रम्प सरकार ने लॉस एंजिलिस में 6-7 जून को सरकार ने अवैध अप्रवासियों के खिलाफ एक अभियान चलाया गया था। इस दौरान दक्षिणी कैलिफोर्निया में मारिजुआना फार्मों पर छापेमारी के दौरान एक मजदूर की मौत हो गई थी। इसके बाद 8 जून को लॉस एंजिलिस में हजारों लोग सड़कों पर उतरे थे। 14 जून को “नो किंग्स” प्रदर्शनों में लाखों लोगों ने ट्रम्प को तानाशाह बताते हुए उनकी आलोचना की थी।

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