सार्थक ऐप में लॉगइन कर हाजिरी लगाई जाती है। आईडी के आधार पर इसमें लोकेशन भी दर्ज हो जाती है। ऐसे में नौकरी से अनुपस्थित रहकर जिन लोगों ने हाजिरी लगाई। उनकी हाजिरी तो लग गई पर लोकेशन वह आई जहां वे वर्तमान में मौजूद थे। ऐसे में उन्हें ये मालूम ही नहीं चला कि ऐप में उनका फर्जीवाड़ पकड़ में आ रहा है।
