यह घटना मऊगंज में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती है। पुरानी रंजिश के चलते इस तरह का खूनी संघर्ष होना, और उसमें हथियारों का इस्तेमाल किया जाना, यह दर्शाता है कि अपराधियों में कानून का कोई डर नहीं है। पुलिस को इस मामले में न केवल दोषियों को गिरफ्तार करना चाहिए, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि इस तरह की घटनाएँ भविष्य में न हों।
