राजस्‍थान SI भर्ती 2021 पेपर लीक के चलते रद्द:क्‍वालिफाइड कैंडिडेट्स का अब क्‍या होगा? ओवरएज कैंडिडेट्स को क्‍या राहत मिलेगी

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28 अगस्त को राजस्थान हाईकोर्ट ने 2021 SI भर्ती को रद्द कर दिया है। जस्टिस समीर जैन की एकलपीठ ने माना कि भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हुआ था, जिसमें RPSC के 5 सदस्‍य भी शामिल थे। बता दें कि 2021 में हुई भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत के साथ राज्‍य में लंबे समय से विरोध हो रहे थे। चयनित हुए कैंडिडेट्स की ट्रेनिंग भी पूरी हो चुकी थी, जिसके बाद अब कोर्ट ने भर्ती कैंसिल की है। भर्ती से प्रभावित हुए कैंडिडेट्स की परेशानियां और उनकी शंकाएं 5 सवाल और उनके जवाबों में जानते हैं- सवाल 1 – एग्‍जाम क्लियर कर चुके कैंडिडेट्स अब क्‍या करेंगे? जवाब – राजस्‍थान हाईकोर्ट में याचिकाकर्ताओं के वकील हरेंद्र नील बताते हैं, ‘एग्‍जाम क्लियर कर चुके कैंडिडेट्स के पास अभी 2 रास्‍ते हैं। आयोग इस भर्ती के लिए रीएग्‍जाम का नोटिस जारी कर सकता है। कैंडिडेट्स रीएग्‍जाम में शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा जो कैंडिडेट्स ट्रेनिंग पूरी कर चुके हैं, वे सिंगल बेंच के फैसले को डिवीजनल बेंच के सामने पुर्नविचार के लिए रख सकते हैं।’ सवाल 2 – क्‍या भर्ती परीक्षा दोबारा होगी, कौन एग्‍जाम दे सकेगा? जवाब – हाईकोर्ट के फैसले के अनुसार, आयोग या तो 2021 की ही भर्ती के लिए दोबारा एग्‍जाम आयोजित कर सकता है। या फिर 2025 की भर्ती में इन 859 पदों को शामिल कर सकता है। इसके लिए आयोग जल्‍द नोटिफिकेशन जारी करेगा। अगर 2025 की भर्ती में इन पदों को शामिल किया जाता है, तो ऐसे सभी कैंडिडेट्स को इसमें शामिल होने की इजाजत होगी, जो 2021 भर्ती की लिखित परीक्षा में शामिल हुए हैं। चाहे उनकी उम्र लिमिट से ज्‍यादा ही क्‍यों न हो गई हो। सवाल 3 – क्‍या रीएग्‍जाम के लिए दोबारा फीस देनी होगी? जवाब – अगर आयोग इस भर्ती के लिए रीएग्‍जाम कराता है तो दोबारा फीस नहीं देनी होगी। इसकी पूरी जानकारी आयो‍ग की वेबसाइट पर जारी की जाएगी। सवाल 4 – क्‍या हाईकोर्ट का फैसला अभी बदल सकता है? जवाब – एडवोकेट हरेंद्र नील के अनुसार, ‘इसकी संभावना कम ही है। आयोग अभी डिवीजनल बेंच के पास जा सकता है। अगर मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचता है तो फैसले पर स्‍टे आ सकता है क्‍योंकि मामला लोगों की नौकरी से जुड़ा है। सवाल 5 – जो अपनी पुरानी सरकारी नौकरी छोड़कर SI बने, उनका क्‍या होगा? जवाब – हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि यदि किसी ने नए पद पर जॉइन करने के लिए अपनी सरकारी नौकरी से इस्तीफा दिया है, तो उन्हें शर्तों के अनुसार सरकारी सेवा में उनके मूल पदों पर बहाल करने का आदेश जारी किया जाना चाहिए। कोर्ट ने माना, RPSC की मिलीभगत से हुआ पेपर लीक याचिकाकर्ता के वकील हरेंद्र नील ने मीडिया को बताया कि कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा है कि पेपर लीक में RPSC के 6 सदस्‍य भी शामिल थे। तत्कालीन चेयरमैन के घर पर आरोपी बाबूलाल कटारा गए थे, ताकि कुछ अभ्यर्थियों को फायदा पहुंचाया जा सके। कोर्ट ने कहा कि जब पेपर पूरे प्रदेश में फैला और ब्लूटूथ गिरोह तक पहुंच गया था, तो यह भर्ती मान्य नहीं हो सकती। ——————— ये खबरें भी पढ़ें… हर 4 में से 1 स्‍कूली बच्‍चा ले रहा ट्यूशन: शहरों में प्राइवेट ट्यूशन पर खर्च गांवों से दोगुना, 52 हजार परिवारों पर NSS सर्वे देश के एक-चौथाई स्‍कूली बच्‍चे यानी हर 4 में से 1 बच्‍चा स्‍कूल के अलावा प्राइवेट ट्यूशन ले रहा है। ये जानकारी सामने आई है केंद्र सरकार के कॉम्प्रिहेंसिव मॉड्यूलर सर्वे यानी CMS रिपोर्ट में। रिपोर्ट के अनुसार शहरी इलाकों में 30.7% स्‍टूडेंट्स प्राइवेट कोचिंग ले रहे हैं जबकि ग्रामीण इलाकों में यह आंकड़ा 25.5% है। कुल 27% स्‍कूली स्‍टूडेंट्स प्राइवेट कोचिंग से पढ़ाई कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…

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