विवेक रंजन अग्निहोत्री की ममता बनर्जी से अपील:द बंगाल फाइल्स बैन न करने की मांग की, कहा- हिंदुओं का दर्द दिखाना गुनाह है, तो मैं गुनहगार हूं

0
15

विवेक रंजन अग्निहोत्री की फिल्म द बंगाल फाइल्स 5 सितंबर को रिलीज होने वाली है, हालांकि संवेदनशील मुद्दा होने पर इस फिल्म को पश्चिम बंगाल में फिल्म का विरोध किया जा रहा है। अब विवेक रंजन अग्निहोत्री ने एक वीडियो जारी कर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को मैसेज देते हुए फिल्म बैन न किए जाने की मांग की है। विवेक अग्निहोत्री ने सीधे पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को संबोधित करते हुए एक वीडियो जारी किया। उन्होंने कहा, ‘मुख्यमंत्री जी, यह वीडियो आपके लिए है। मेरी फिल्म दुनिया भर में रिलीज होगी, लेकिन ऐसा माहौल बनाया जा रहा है कि बंगाल में इसे बैन कर दिया जाएगा। थिएटर मालिकों पर इतना राजनीतिक दबाव है कि वे फिल्म दिखाने से डर रहे हैं। इसी डर की वजह से 16 अगस्त को हमारा ट्रेलर भी सिनेमाघरों में नहीं दिखाया गया। जब हमने होटल में इसे लॉन्च करने की कोशिश की, तो पुलिस ने आकर उसे रोक दिया।’ विवेक रंजन अग्निहोत्री का आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कार्यकर्ता लगातार इस फिल्म को बैन करने की मांग कर रहे हैं और कई फर्जी एफआईआर भी उनके खिलाफ दर्ज कराई गई हैं। उन्होंने ममता बनर्जी से अपील की है कि वह व्यक्तिगत और राजनीतिक मतभेद से ऊपर उठकर इस फिल्म को शांतिपूर्वक रिलीज होने दें। अग्निहोत्री ने अपने संदेश में कहा कि भारत का संविधान हर नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता देता है और मुख्यमंत्री के रूप में ममता बनर्जी की जिम्मेदारी है कि वह इस अधिकार की रक्षा करें। उन्होंने याद दिलाया कि फिल्म को सेंसर बोर्ड ने पास कर दिया है और इसे रिलीज करना अब राज्य सरकार का संवैधानिक कर्तव्य है। उन्होंने आगे कहा कि भारत ने 1200 वर्षों तक गुलामी और अत्याचार झेला है। हमारी संस्कृति, धर्म और कला पर हमले हुए। इसमें सबसे दर्दनाक अध्याय बंगाल का है, जहां डायरेक्ट एक्शन डे और नोआखली नरसंहार जैसे भयानक हादसे हुए। उनका कहना है कि अगर यह घटनाएं न होतीं, तो शायद भारत का विभाजन भी न होता। उन्होंने सवाल उठाया कि जब दुनिया भर में होलोकॉस्ट, गुलामी और हिरोशिमा-नागासाकी की त्रासदी के बारे में हर बच्चा जानता है, तो भारतीय बच्चों को बंगाल की पीड़ा से क्यों अनजान रखा जाता है? क्या इस दर्दनाक इतिहास पर फिल्म बनाना गुनाह है? अग्निहोत्री ने साफ किया कि द बंगाल फाइल्स किसी धर्म या समुदाय के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह उन ताकतों के खिलाफ है जिन्होंने इंसानियत को नुकसान पहुंचाया और आज भी झूठ को जिंदा रखना चाहते हैं। उनका कहना है कि यह फिल्म नफरत नहीं, बल्कि सत्य और हीलिंग का संदेश देती है। वीडियो के जरिए विवेक रंजन अग्निहोत्री ने ममता बनर्जी से हाथ जोड़कर अपील की और कहा, मेरी आपसे हाथ जोड़कर अपील है, इस फिल्म को प्लीज बैन मत कीजिए। इस फिल्म को देखिए, समझिए, इस पर डिबेट कीजिए, लेकिन सच्चाई को छुपाइए मत। हिंदुओं का पूरे विश्व में एकमात्र राष्ट्र है भारत। तो क्या वे अपने ही घर में, अपने दर्द, अपनी पीड़ा, अपनी व्यथा की बात नहीं कर सकते? बंगाल का सच भारत का सच है। अगर डायरेक्ट एक्शन डे और नोआखाली की कहानी हम नहीं बोलेंगे तो कौन बोलेगा? अगर अभी नहीं बोलेंगे, तो कब बोलेंगे? अगर सत्य से डर लगता है तो आईना नहीं तोड़ा जाता। आईना तोड़ने से चेहरा नहीं बदलता। फिर भी, अगर आपको लगता है कि हिंदू हिस्ट्री, हिंदू जेनोसाइड का सच बोलना भारत में ही गुनाह है, तो हां, मैं गुनहगार हूं। आप सरकार हैं और मैं वी द पीपल का मात्र एक नंबर। आप जो चाहें, मुझे सजा दे सकती हैं। वंदे मातरम। ‘द बंगाल फाइल्स‘ रिलीज से पहले ही काफी विवादों में हैं। पश्चिम बंगाल में फिल्म का जमकर विरोध हो रहा। इसी बीच विवेक रंजन अग्निहोत्री ने कोलकाता में फिल्म का ट्रेलर लॉन्च किया। हालांकि इवेंट में जमकर हंगामा हुआ और ट्रेलर रोक दिया गया। विवेक रंजन अग्निहोत्री ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल की सरकार ने ट्रेलर रिलीज में बाधा डाली, जबकि पुलिस का कहना था कि विवेक ने इवेंट के लिए परमिशन नहीं ली थी। इसके बाद विवेक रंजन अग्निहोत्री के खिलाफ कई शिकायतें दर्ज की गई थीं। ये फिल्म 5 सितंबर को रिलीज होने के लिए शेड्यूल है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here