करिश्मा के बच्चों के सपोर्ट में आईं संजय की बहन:मंधिरा कपूर ने कहा- पिता बच्चों को वसीयत में शामिल न करें, यह समझ से परे

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बॉलीवुड एक्ट्रेस करिश्मा कपूर के बच्चों, बेटी समायरा और बेटे कियान ने हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया। जहां उन्होंने अपने पिता संजय कपूर की संपत्ति में हिस्सा मांगने के लिए याचिका दायर की है। अब इस मामले को लेकर संजय की बहन, मंधिरा कपूर, ने करिश्मा के बच्चों के सपोर्ट में आई हैं। मंधिरा कपूर ने ANI से बातचीत में कहा कि उन्हें खुशी है कि कोर्ट के निर्देश से परिवार को आखिरकार कुछ क्लेरिटी मिलेगी। उन्होंने भारतीय न्याय व्यवस्था में भरोसा जताया और उम्मीद की कि यह कदम मामले में अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा। करिश्मा कपूर के बच्चों के आरोप को लेकर उन्होंने कहा कि मैं उनका समर्थन करती हूं क्योंकि मुझे नहीं लगता कि कोई भी अपने पिता के साथ अपने रिश्ते को जानकर यह स्वीकार कर सकता है कि पिता उन्हें वसीयत में शामिल न करें। यह सही नहीं लगता और समझ में नहीं आता। मंधिरा कपूर ने कहा कि रानी को ट्रस्ट के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है और परिवार अभी भी जवाब का इंतजार कर रहा है। जब उनसे परिवार के सुलह की संभावना पूछी गई, तो उन्होंने कहा कि बहुत सारे सवाल अभी भी अनसुलझे हैं। मंधिरा ने कहा कि सिर्फ पूरी साफगोई और पारदर्शिता ही इस मामले का हल निकाल सकती है। बता दें कि संजय की मां रानी कपूर ने आरोप लगाया है कि प्रिया सचदेव ने न केवल उन्हें अपने बेटे की संपत्ति से बाहर रखा, बल्कि अब उनकी संपत्तियों को बेचने की योजना बना रही हैं। रानी कपूर के वकील, एडवोकट वैभव गगर की ओर से कहा गया, “आज मेरे पास कुछ भी नहीं है। मैंने कम से कम 15 ईमेल लिखे कि वसीयत के बारे में जानकारी दी जाए, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। 10,000 करोड़ रुपए की संपत्ति मेरी होनी चाहिए थी। मैं 80 साल की हूं। मेरी बेटे की संपत्ति का अधिकार मुझसे छीन लिया गया।” बता दें कि करिश्मा कपूर के बच्चों समायरा और कियान ने मंगलवार को पिता संजय कपूर की 30 हजार करोड़ की संपत्ति में हिस्सा मांगने की याचिका दायर की थी। बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट में इस याचिका की सुनवाई हुई। करिश्मा के बच्चों का आरोप है कि उनकी सौतेली मां प्रिया कपूर ने नकली वसीयत तैयार की है, जिससे वह पूरी संपत्ति पर पूरा कंट्रोल पाना चाहती हैं। इस नकली वसीयत में कियान और समायरा का कहीं जिक्र नहीं है। मामले में कोर्ट ने प्रिया कपूर से पूरी संपत्ति का ब्योरा मांगा है। इसकी अगली सुनवाई 2 हफ्तों बाद होगी। समायरा और कियान की तरफ से पेश हुए सीनियर एडवोकेट महेश जेठमलानी ने कोर्ट में कहा कि संजय कपूर के निधन के बाद उनकी वसीयत कभी परिवार को नहीं दिखाई गई और यहां तक कि वसीयत के एक्जीक्यूटर ने भी माना कि उन्होंने वसीयत पढ़ने के एक दिन पहले ही इसकी जानकारी मिली थी। वसीयत को ताज होटल में जल्दबाजी में पढ़ा गया था और इससे जुड़ी कई जरूरी जानकारियां जैसे कि ट्रस्ट डीड, छिपाई गईं। यह जानकारी दिनेश अग्रवाल नाम के व्यक्ति ने दी, जो परिवार का ही कर्मचारी है। इससे शक और गहरा हो गया।जेठमलानी ने यह भी कहा कि वसीयत के सामने आने की परिस्थितियां बहुत संदिग्ध हैं, जिससे धोखाधड़ी की आशंका और बढ़ जाती है। संजय कपूर की पत्नी यानी समायरा-कियान की सौतेली मां प्रिया कपूर की तरफ से आए सीनियर एडवोकेट राजीव नायर ने अदालत को बताया कि यह मुकदमा कानूनी रूप से टिकाऊ नहीं है और इसे आगे बढ़ाने का कोई आधार नहीं है। 2 हफ्तों बाद होगी अगली सुनवाई, सभी पक्षों को मिला नोटिस बता दें कि संजय कपूर की मौत के बाद उनकी प्रॉपर्टी को लेकर विवाद शुरू हो गया है। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक इस केस में कई लोग शामिल हैं। वादी करिश्मा कपूर और संजय कपूर के बेटी और बेटा हैं। अदालत में उनकी मां उनका प्रतिनिधित्व कर रही हैं। पहले और दूसरे प्रतिवादी संजय की तीसरी पत्नी प्रिया सचदेव कपूर और उनका छोटा बेटा हैं। ये दोनों रजोकरी में परिवार के फार्महाउस में रहते हैं। वहीं, तीसरे प्रतिवादी संजय की मां हैं, जो उसी फार्महाउस में रहती हैं। चौथे प्रतिवादी श्रद्धा सूरी मारवाह हैं, जिन्होंने खुद को विवादित वसीयत का निष्पादक (पर्पोटेड एग्जीक्यूटर) बताया है। बता दें कि श्रद्धा संजय की सहयोगी रही हैं। श्रद्धा ने ही जुलाई में दिल्ली के होटल में बैठक के दौरान वसीयत का खुलासा किया। इस दौरान करिश्मा व प्रिया मौजूद थीं। याचिका के अनुसार दस्तावेज इतनी तेजी से दिखाया गया कि उसे ठीक से पढ़ा या समझा नहीं जा सका। वसीयत को 7 हफ्तों तक छिपाने का आरोप भी लगा है। संजय कपूर की मां ने लिखा था पत्र वहीं, संजय की मौत के एक महीने बाद जुलाई में उनकी मां रानी कपूर ने कंपनी सोना कॉमस्टार और सेबी को चिट्ठी लिखी थी। चिट्ठी में उन्होंने बेटे के अचानक हुई मौत पर सवाल उठाए। साथ ही कई गंभीर आरोप भी लगाए। ये चिट्ठी सोना कॉमस्टार कंपनी की एनुअल जनरल मीटिंग के कुछ घंटे पहले लिखी गई थी। रानी कपूर ने अपने लेटर में लिखा- ‘मैं, रानी कपूर, कंपनी की पूर्व अध्यक्ष और सोना कॉमस्टार (कंपनी) और सोना ग्रुप के फाउंडर स्वर्गीय डॉ. सुरिंदर कपूर की पत्नी हूं। मेरे दिवंगत पति द्वारा 30.06.2015 को बनाए गए वसीयत के अनुसार, मैं उनकी संपत्ति की एकमात्र लाभार्थी हूं और कंपनी सहित सोना समूह की बहुसंख्यक शेयरधारक भी हूं। जैसा कि आप जानते हैं, 12.06.2025 को मेरे बेटे श्री संजय कपूर का यूनाइटेड किंगडम में अत्यंत संदिग्ध और अस्पष्ट परिस्थितियों में दुखद निधन हो गया। जानकारी प्राप्त करने के बावजूद, मुझे घटना के बारे में कोई प्रासंगिक जवाब और दस्तावेज नहीं मिल पाए हैं। लेटर में आगे लिखा गया- और मैं मीडिया द्वारा दी गई जानकारी और वर्जन तक ही सीमित हूं। कृपया ध्यान दें कि शोक की इस अवधि के दौरान, मुझसे कई बार संपर्क किया गया और बिना कोई स्पष्टीकरण दिए या उन्हें पढ़ने और समझने का समय दिए बिना ही विभिन्न दस्तावेजों पर साइन करने के लिए मजबूर किया गया। अत्यधिक मेंटल और इमोशनल तनाव में होने के बावजूद, मुझे बंद दरवाजों के पीछे ऐसे डॉक्यूमेंट्स पर साइन करने के लिए मजबूर किया गया और बार-बार अनुरोध करने के बावजूद, इन डॉक्यूमेंट्स का विषय-वस्तु मुझे कभी नहीं बताई गई। कृपया यह भी ध्यान दें कि मुझे अपने बैंक अकाउंट्स तक पूरी तरह से पहुंच से वंचित कर दिया गया है और मुझे जीने के लिए कुछ चुनिंदा लोगों के रहमोकरम पर छोड़ दिया गया है। यह सब मेरे इकलौते बेटे के निधन के एक महीने से भी कम समय में हुआ है।’ इस पूरे मुद्दे पर मीडिया से बात करते हुए रानी कपूर के वकील वैभव गग्गर ने कहा था कि रानी कपूर, कपूर परिवार और सोना ग्रुप की मुखिया हैं। अपने इकलौते बेटे की मौत के सदमे से उबरने के दौरान, कुछ ऐसी घटनाएं घटीं जिनसे रानी कपूर जी को न सिर्फ मौत के तरीके, बल्कि विरासत को लेकर भी कुछ आशंकाएं हुईं। मृत्यु के बाद कई ऐसी घटनाएं घटीं जिन्हें सामान्य नहीं माना जा सकता। सोना कॉमस्टार के शेयरधारकों को लिखे अपने पत्र में, उन्होंने लिखा था कि उनसे कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए गए और कुछ चीजों के लिए दबाव डाला गया। इस समय बहुत कुछ सामने आ रहा है। वह मामले की गहराई तक जाना चाहती हैं, और उसे अभी तक मौत का सही कारण पता नहीं चला है। यह बिल्कुल भी स्वाभाविक मौत नहीं लग रही थी। जो कुछ हुआ उसके पीछे उसकी अपनी आशंकाएं हैं।’ संजय कपूर की बहन ने कंपनी पर आरोप लगाए थे वहीं, जायदाद विवाद पर संजय कपूर की बहन मंधिरा कपूर ने NDTV से बातचीत में कहा था कि मेरी मां को यह कहना कि उनका उस कंपनी से कोई लेना-देना नहीं है, जिसे उन्होंने खुद बनाया, बहुत सख्त कदम है। उनकी उम्र 80 साल है। कम से कम इस बात की इज्जत करनी चाहिए कि उन्होंने और मेरे पिता ने मिलकर यह सब खड़ा किया। यह मेरे पिता की बनाई हुई विरासत है। आज हमें कहा जा रहा है कि हमें इस विरासत में हिस्सा लेने का हक नहीं है। वहीं, ANI से बातचीत में मंधिरा ने कहा था, “मेरी मां रानी कपूर, जिन्होंने पापा के साथ मिलकर बिजनेस की शुरुआत की और ज्वेलरी से लेकर ऑटोमोबाइल तक कंपनी को खड़ा किया, उन्हें अब किनारे कर दिया गया है। हमें अजनबी और बाहर का बताया जा रहा है, जबकि ऐसा नहीं है। यह सब मेरे पिता ने बनाया। तो दूसरों को इसका क्रेडिट कैसे मिल रहा है? मेरी मां आज जिंदा हैं, लेकिन उन्हें भी नजरअंदाज कर दिया गया है। मेरी बहन और मुझे तो मानो कहा जा रहा है कि तुम कहीं जाओ। यहां तक कि हमें पिता की श्रद्धांजलि या औपचारिक घोषणाओं में भी शामिल नहीं किया गया, लेकिन सच यह है कि आप हमसे यह विरासत छीनने की कोशिश कर सकते हैं, मगर यह हमारे खून में है।” ………….. करिश्मा कपूर से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें करिश्मा कपूर की तारीफ में बोलीं एक्स ननद मंदिरा कपूर:वो एक बेहतरीन मां हैं, परिवार को बखूबी संभाल रखा है करिश्मा कपूर के एक्स पति और बिजनेसमैन संजय कपूर का निधन हो चुका है। दोनों की शादीशुदा जिंदगी काफी विवादों में रही थी। करिश्मा ने अपने पति संजय कपूर पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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