शव दफनाने को लेकर बवाल…ग्रामीणों ने नहीं दी जमीन:कांकेर में मसीही समाज ने घेरा थाना, 2 दिन से पड़ी है शख्स की लाश

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छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में शव दफनाने को लेकर बवाल हो गया है। मसीही समाज के एक शख्स की मौत के बाद परिजन शव को दफनाने पहुंचे, लेकिन ग्रामीणों ने गांव की जमीन में शव दफनाने नहीं दिया। मॉर्च्युरी में 2 दिन से लाश पड़ी है। मामला कोडेकुर्से थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, मृतक का नाम मनीष निषाद (50) है। वह कोडेकुर्से गांव में रहता था। मंगलवार को परिजन अपनी निजी जमीन में शव दफना रहे थे। इसका ग्रामीणों ने विरोध किया। गुरुवार को मसीही समाज के लोगों ने शव दफनाने की अनुमति की मांग को लेकर थाने का घेराव कर दिया। इससे पहले भी यानी 24 जुलाई 2025 को कांकेर के जामगांव में ईसाई व्यक्ति के शव को गांव में दफनाने पर बवाल हुआ था। 500-1000 की भीड़ ने चर्च में और घरों में तोड़फोड़ की थी। घरों से बर्तनों और सामानों को निकालकर बाहर फेंक दिए थे। इससे संंबंधित जुड़ी ये तस्वीरें देखिए… जानिए क्या है पूरा मामला ? दरअसल, मनीष निषाद के परिवार ने हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म का अपनाया है। 4 नवंबर को बीमारी से रायपुर में मनीष निषाद की मौत हो गई थी। इसके बाद परिजन शव लेकर गांव पहुंचे। परिजन और मसीही समाज के लोगों ने शव दफनाने की तैयारी शुरू की। इस दौरान ग्रामीणों ने गांव में दफनाने का विरोध किया। विरोध बढ़ने पर मसीही समाज के लोगों ने इसकी शिकायत थाने में की। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। जगह नहीं मिलने से नाराज परिजनों और समाज के लोगों ने शव को थाने में ही छोड़ दिया। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने शव को कोडेकुर्से अस्पताल के चीरघर (मॉर्चरी) में रखवा दिया है। घटना के दो दिन बीत जाने के बावजूद मृतक का अंतिम संस्कार नहीं हो सका है। अनुमति की मांग को लेकर थाने का घेराव कांकेर में विरोध के बाद मसीही समाज के लोगों ने शव दफनाने की अनुमति की मांग को लेकर थाने का घेराव किया। इस दौरान ग्रामीण अपने रुख पर अड़े रहे और गांव की जमीन पर दफन की अनुमति देने से इनकार करते रहे। मामले में जिला पंचायत सदस्य देवेन्द्र टेकाम का कहना है कि गांव को रुढ़ीगत व्यवस्था के अनुसार बसाया गया है। गांव के रीति-रिवाज से अनुसार लाश को दफनाया जाता है। गांव के बैगा और समाज प्रमुख के बिना अनुमति के शव को गांव के सरहद में नहीं दफनाया जाता। गांव के रीति-रिवाज के अनुसार लाश को दफनाया जाए या फिर कब्रिस्तान ले जाएं। आज सुबह 10 बजे तक का समय इस बीच, अनुग्रह प्रार्थना भवन चारामा के पादरी मोहन ग्वाल ने बताया कि मनीष निषाद का अंतिम संस्कार उनकी निजी ज़मीन पर किया जाना था। हालांकि, ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। हमारे पास कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। इसलिए, हमने प्रशासन से शव को दफ़नाने में मदद का अनुरोध किया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश श्रीमल ने बताया कि निर्णय लेने के लिए ईसाई समुदाय के पास आज सुबह 10 बजे तक का समय है। वे सुबह 10 बजे आकर अपना फैसला बताएंगे और उसके अनुसार अंतिम संस्कार किया जाएगा। ……………………………….. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… कब्र से निकाली गई लाश…चर्च में तोड़फोड़ VIDEO: शव दफनाने पर बवाल, लाठी-डंडा लेकर आए 500-1000 लोग, घरों से बर्तन फेंके, हत्या-कर गाड़ने का शक छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में ईसाई व्यक्ति के शव को गांव में दफनाने पर सोमवार को जमकर बवाल हुआ। 500-1000 की भीड़ ने चर्च में और घरों में तोड़फोड़ की। घरों से बर्तनों और सामानों को निकालकर बाहर फेंक दिए। तोड़फोड़ करने का वीडियो भी सामने आया है। मामला नरहरपुर थाना क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर…

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