क्या आपको अक्षय कुमार, रवीना टंडन और सुनील शेट्टी स्टारर फिल्म मोहरा में नजर आईं एक्ट्रेस पूनम झावर याद हैं। फिल्म का बेहतरीन गाना न कजरे की धार इन्हीं की खूबसूरती पर फिल्माया गया था। पूनम झावर कई सालों से फिल्म इंडस्ट्री से दूर हैं। साल 2015 में पूनम झावर का इकलौता भाई अचानक लापता हो गया। परिवार ने तलाश की तो उनकी लाश मुंबई के जोगेश्वरी इलाके में खड़ी उन्हीं की कार में बंद सड़ती हुई हालत में मिली। जब पुलिस उनके भाई के कातिलों को ढूंढने में नाकाम रही तो एक्ट्रेस ने खुद ये जिम्मा उठाया और महीनों के संघर्ष के बाद भाई के हत्यारों का चेहरा दुनिया के सामने ले आईं। आज अनसुनी दास्तान के 3 चैप्टर्स में एक्ट्रेस पूनम झावर की जुबानी जानिए कैसे एक मामूली रोड एक्सीडेंट उनके भाई की हत्या का कारण बना- 31 मई 2015 की बात है। पूनम झावर और उनके परिवार के लिए ये एक आम सा दिन था। उनके भाई कमाल भुवन रोज की तरह सुबह अपने काम पर निकल गए। आमतौर पर वो शाम 4 बजे तक घर लौट आया करते थे। उस रोज शाम के 6 बजे तक भी वो घर नहीं लौटे। परिवार ने कुछ घंटे और इंतजार किया, लेकिन रात 8 बजे तक भी वो घर नहीं आए। उनके मोबाइल नंबर पर कई कॉल किए गए, लेकिन कोई जवाब नहीं मिल रहा था। आखिरकार फिक्रमंद परिवार ने खुद कमाल की तलाश शुरू कर दी। कई घंटों की मशक्कत के बाद एक्ट्रेस पूनम झावर को जोगेश्वरी के पास स्थित रामेश्वर मंदिर के पास सदबवती मार्ग में भाई कमाल की कार दिखी। परिवार को तसल्ली हुई, लेकिन जैसे ही सब नजदीक पहुंचे तो देखा, उनके भाई बेसुध कार के अंदर थे और कार अंदर से लॉक थी। परिवार ने दरवाजा खोलने की काफी जद्दोजहद की, लेकिन जब दरवाजा नहीं खुला, तो पूनम ने खिड़की का शीशा तोड़ दिया। जैसे ही उन्होंने गौर से भाई कमाल को देखा, तो उनकी सांसें थमी हुई थीं। शरीर पर चोट के कई निशान थे और घंटों से कार में बंद लाश सड़ने के चलते फूल चुकी थी। पूनम झावर ने दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘हम 6 घंटों तक उसकी तलाश करते रहे कि वो कहां है। फिर जोगेश्वरी में हमें उसकी गाड़ी मिली। हमने गाड़ी का शीशा तोड़ा और देखा कि वो मरा हुआ था।’ कमाल, पूनम झावर के इकलौते भाई थे। उनकी उम्र करीब 52 साल थी और उस समय उनकी एक 9 साल की बेटी भी थी। भाई की लाश मिलने के बाद पूनम झावर की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज किया गया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया कि कमाल के शरीर पर चोट के कई गहरे निशान थे और उनकी मौत दम घुटने से हुई थी। पोस्टमॉर्टम में ये भी सामने आया कि मौत के समय कमाल भुवन शराब के नशे में थे। हफ्तों तक कमाल के कातिलों की तलाश की गई, लेकिन पुलिस के हाथ खाली ही रहे। पुलिस थाने के कई चक्कर काटते-काटते पूनम झावर थक चुकी थीं, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिल रहा था। उनके मन में बार-बार सवाल उठ रहे थे कि आखिर उनके भाई के साथ क्या हुआ होगा। इन सवालों के जवाब ढूंढने के लिए उन्होंने खुद भाई की मौत की सच्चाई पता लगाने की जिम्मेदारी उठाई और कातिलों की तलाश शुरू की। भाई कमाल की मौत के एक महीने बाद जून में पूनम झावर ठीक उसी जगह पहुंचीं, जहां उन्हें भाई की कार मिली थी। उन्होंने आसपास के इलाके के सभी सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए। उन्होंने 31 मई के सभी सीसीटीवी फुटेज देखे, जिनमें उनके भाई की कार नजर आई थी। एक कैमरे में उनके भाई का झगड़ा रिकॉर्ड हुआ था। पूनम झावर ने देखा कि शाम 4 से साढ़े 4 बजे के करीब उनके भाई सीसीटीवी फुटेज में एक शख्स से झगड़ते नजर आए थे। झगड़े की शुरुआत एक मामूली टक्कर से हुई थी। फुटेज के अनुसार, पूनम के भाई की कार की टक्कर एक होंडा स्कूटी से आ रहे शख्स से हुई। पहले तो दोनों में बहस हुई और फिर मारपीट के बीच कमाल को जोरदार धक्का मारा गया, जिससे वो बेसुध सड़क पर गिर पड़े। इसके बाद उस शख्स ने उन्हें उठाया और कार में डालकर बेसुध हालत में ही लॉक कर दिया। सीसीटीवी फुटेज में वो शख्स मौका-ए-वारदात से भागता भी नजर आया। पूनम ने आसपास के इलाके के लोगों से भी पूछताछ की, जिन्होंने यही कहानी बताई। पूनम झावर ने वो सीसीटीवी फुटेज पुलिस को दी, जिसके आधार पर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे शख्स की तलाश शुरू कर दी। उस इलाके के लोगों और फुटेज की मदद से पुलिस ने आरोपी का एक स्केच तैयार करवाया और हर तरफ सर्कुलेट करवाया। पुलिस ने उस इलाके के आसपास के सभी मैकेनिक्स और गैराज के लोगों को चौकन्ना किया कि अगर कोई भी शख्स स्कूटी रिपेयर करवाने आए तो उन्हें इत्तला दी जाए। लंबी तलाश के बाद पुलिस को कांदिवली के एक गैराज से एक टिप मिली। बताया गया कि एक शख्स अपनी स्कूटी रिपेयर करवाने गैराज आया है, उसका हुलिया सर्कुलेट की गईं तस्वीरों से काफी मिलता है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उस शख्स को गैराज से ही गिरफ्तार कर लिया। उस शख्स का नाम दुबले गड्डा था, जिसकी उम्र उस समय 24 साल थी। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जिसके बाद अंधेरी कोर्ट ने 27 अगस्त तक पुलिस को उसकी रिमांड दे दी। पूछताछ में दुबले गड्डा ने बताया कि जोगेश्वरी की रोड में कार से टक्कर होने के बाद उसकी स्कूटी काफी डैमेज हो गई थी। वो लगातार अपनी स्कूटी रिपेयर करवाने के लिए कमाल से एक हजार रुपए का हर्जाना मांग रहा था, लेकिन वो पैसे देने की बजाय झगड़ने लगा। जिसके बाद मारपीट शुरू हो गई। आरोपी ने पुलिस से कहा कि मारपीट के बीच धक्का लगने से कमाल गिर पड़ा। जब वो काफी देर तक होश में नहीं आया तो उसने कमाल को उठाकर कार में डाल दिया और वहां से निकल गया। पुलिस का मानना था कि नशे में होने के कारण ही मारपीट के बीच कमाल भुवन बेहोश हुए होंगे। जब उन्हें कार में डाला गया तब वे जिंदा थे, लेकिन नशे की वजह से वो काफी देर तक होश में नहीं आए। कार के शीशे पूरी तरह बंद थे और एसी भी नहीं चल रहा था। यही वजह रही होगी कि कमाल का कार में दम घुट गया होगा, जिससे उनकी मौत हो गई होगी। मेरे भाई को अब तक इंसाफ नहीं मिला- पूनम झावर आज कमाल को गुजरे 10 साल बीत चुके हैं, लेकिन पूनम झावर के परिवार को न्याय नहीं मिला है। इस पर दैनिक भास्कर से बातचीत में पूनम झावर ने कहा- ‘अकेला भाई था मेरा और उसके जाने का बहुत दुख है मुझे। मेरे भाई के साथ कुछ लड़कों की बहस हुई। उन्होंने उसे बहुत मारा, वो नीचे गिर गया और फिर आरोपियों ने उसे उसकी गाड़ी में डालकर लॉक कर दिया और वहां से भाग गए। अब वो सिर्फ बेहोश था या तभी उसकी डेथ हो गई, ये मालूम नहीं।’ ‘मुझे आज भी लगता है कि ये जैसे कल की ही बात हो। मेरे भाई के साथ इतना बड़ा हादसा साल 2015 में हुआ था। कोर्ट में केस भी चल रहा है। मैं कहूंगी कि हमारी ज्युडिशियरी बहुत ढीली है। मेरे भाई को अभी तक इंसाफ नहीं मिला है, लेकिन उम्मीद है कि इस साल के अंत तक कोई फैसला आए।’ ‘आजकल की पीढ़ी को क्या हो गया है, मुझे समझ नहीं आता। मैं पढ़ रही थी कि किसी झगड़े में किसी को हेलमेट से मार-मार कर मार डाला। मतलब, लोगों को होता क्या जा रहा है, बिल्कुल भी सहनशक्ति नहीं बची है अंदर। साथ ही, जहां झगड़ा हो रहा होता है, वहां लोग तमाशा देख रहे होते हैं, खड़े होकर बचाते भी नहीं हैं। आप सोचिए कि अगर किसी झगड़े में कोई मर गया, तो उसके परिवार वालों का क्या होगा? आप किसी को मारो मत, बल्कि बात करके चीजें सुलझाओ।’ हमारे पास सबूत हैं- पूनम झावर पूनम झावर ने कहा- ‘जो आरोपी हैं, वो कोर्ट में कहते हैं कि हमने कुछ नहीं किया, लेकिन हमारे पास बाकायदा प्रूफ है सीसीटीवी कैमरे में सब रिकॉर्ड हुआ है। इसमें किसी और का कुछ नहीं गया, लेकिन हमारा इकलौता भाई हमसे बिछड़ गया। तब से मामला कोर्ट में चल रहा है। कभी जज बदल जाता है, कभी 3-3 महीने की आगे की डेट दे देते हैं। जब हम ऊपर से प्रेशर बनाते हैं तो हमें कहा जाता है कि ज्युडिशियरी अपने हिसाब से काम करेगी।’ जब पूनम से पूछा गया कि भाई की मौत के बाद उनके घरवालों की हालत कैसी है, क्या वो इस हादसे से उबर पाईं। इस पर पूनम ने कहा- ‘मैं अपने भाई के जाने के बाद अब भी उससे नहीं निकल पाई हूं। लोग तो एक दिन में ही भूलकर आगे बढ़ जाते हैं। मेरे भाई का छोटा सा 7 साल का बच्चा भी था, अब वो काफी बड़ा हो गया है। इकलौता बेटा, भाई चला गया उस घर का माहौल कैसा होगा, आप सोच सकते हैं। मेरी मां और हम सबको उसके चले जाने का बहुत दुख है।’ कई सालों से इंडस्ट्री से दूर हैं पूनम झावर पूनम झावर का जन्म मुंबई में हुआ था। उनकी मां पूजाश्री हिंदी साहित्य की जानी-मानी लेखक हैं, उन्हें कई अवॉर्ड और सम्मान मिल चुके हैं। 14 साल की उम्र में पूनम ने मॉडलिंग करियर की शुरुआत की थी। मॉडलिंग से मिली पॉपुलैरिटी के बाद पूनम झावर को 16 साल की उम्र में फिल्म मोहरा का ऑफर मिला। दरअसल, पूनम ने एक एड फिल्म की थी, जिसके बाद उन्हें काफी सराहना मिली थी। इसी समय राज कपूर के साथ काम कर चुके मशहूर फोटोग्राफर जे.पी. सिंघल ने उनका एक फोटोशूट किया। उन्होंने वो तस्वीरें डायरेक्टर राजीव राय को दिखाईं। राजीव राय को वो तस्वीरें इतनी पसंद आईं कि उन्होंने पूनम को मोहरा में कास्ट करने का फैसला कर लिया। जबकि उस किरदार के लिए उन्होंने जूही चावला और भाग्यश्री जैसी कई एक्ट्रेसेस का ऑडिशन लिया था। फिल्म मोहरा में पूनम ने सुनील शेट्टी की पत्नी का किरदार निभाया। फिल्म का गाना न कजरे की धार उन्हीं पर फिल्माया गया था। फिल्म हिट रही, लेकिन पूनम झावर को इसका फायदा नहीं मिला। उन्होंने चंद फिल्में कीं, लेकिन मनमर्जी के रोल न मिलने पर उन्होंने कम फिल्में हीं। नाना पाटेकर स्टारर फिल्म आंच से उन्होंने बतौर निर्माता करियर की दूसरी पारी शुरू की, लेकिन ये फिल्म खास सफल नहीं रही। पूनम झावर ने लंबे ब्रेक के बाद फिल्म ओह माय गॉड से वापसी की थी। परेश रावल स्टारर इस फिल्म में उन्होंने आध्यात्मिक गुरू गोपी मैया का रोल किया था। इसके अलावा शाहिद कपूर की फिल्म आर राजकुमार में भी पूनम नें बिंदू का रोल निभाया।
