जिला उपभोक्ता आयोग ने एक अहम फैसला सुनाते हुए रेलवे को उसकी लापरवाही के लिए जिम्मेदार ठहराया है। आयोग ने ट्रेन की देरी के कारण परेशान हुए एक परिवार को 55 हजार रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह फैसला उन यात्रियों के लिए राहत लेकर आया है, जो ट्रेन देरी के कारण मानसिक, आर्थिक या सामाजिक नुकसान झेलते हैं।
