बिलासपुर में खूंटाघाट बांध से शहरवासियों को पानी की आपूर्ति 21 नवंबर से बंद हो जाएगी। नहर में रिसाव के कारण यह निर्णय लिया गया है। इसके चलते शहर के लाखों परिवारों को शनिवार से कम पानी मिलेगा। यह समस्या खूंटाघाट बांध से बिरकोना स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तक बिछाई गई पाइपलाइन को पानी देने वाली नहर में रिसाव के कारण उत्पन्न हुई है। 300 करोड़ रुपये की अमृत मिशन योजना के तहत दो साल पहले ही यह पाइपलाइन और संबंधित नहर का निर्माण किया गया था। नहर और क्रॉस रेगुलेटर का निर्माण दो साल पहले ही हुआ था। इतने कम समय में रिसाव होने के कारण निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता पाठक, ईई वसुंधरा सिंह और एसडीओ पीएन श्रीवास्तव से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। आरोप है कि अधिकारी घटिया निर्माण के आरोपों पर चुप्पी साधे हुए हैं। 21 नवंबर से होगा खूंटाघाट बांध की नहर में मरम्मत का काम नगर निगम के कार्यपालन अभियंता और नल जल विभाग के प्रभारी अनुपम तिवारी ने बताया कि जल संसाधन विभाग 21 नवंबर से खूंटाघाट बांध की नहर में रिसाव की मरम्मत का काम शुरू करेगा। उन्होंने आशंका जताई कि इस काम में 15-20 दिन का समय लग सकता है। इस दौरान शहर में पानी की आपूर्ति सीमित समय और कम मात्रा में की जाएगी। नगर निगम ने बांध से आपूर्ति बंद होने की स्थिति में उन ट्यूबवेल और मोटर पंपों के सहारे पानी की आपूर्ति सुचारू रखने का दावा किया है, जिन्हें बांध से सप्लाई शुरू होने के बाद बंद कर दिया गया था या उनका उपयोग कम कर दिया गया था। मरम्मत के समय 22 पानी टंकियों से होगी पानी सप्लाई उन्होंने बताया कि बांध से पानी सप्लाई नहीं होने के दौरान शहर की सभी 22 पानी टंकियों से सप्लाई जारी रखने ट्यूबवेल और मोटर पंपों का सहारा लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में शहरवासियों को सुबह शाम 3-3 घंटे पानी सप्लाई की जा रही है। लेकिन ट्यूबवेल से पानी सप्लाई के दौरान सप्लाई की अवधि घट कर दो से सवा दो घंटे तक सीमित हो सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि यह सप्लाई तभी संभव होगी जबकि बिजली आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी रहे, अन्यथा सप्लाई में और कमी आ सकती है। निगम ने हाथ खड़े किए, टैंकर सप्लाई का आश्वासन
खारंग जलाशय के दायीं तट नहर आर.डी 1300 मीटर से 1500 मीटर तक नहर बैक के विभिन्न भाग क्षतिग्रस्त होने से पानी का रिसाव होने के कारण आवश्यक मरम्मत कार्य जल संसाधन विभाग द्वारा 21 नवंबर से प्रारंभ किया जाएगा। मरम्मत कार्य के दौरान उक्त नहर से नगर निगम के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को प्राप्त होने वाला जल प्रदाय बाधित रहेगा। नगर निगम के समस्त उच्चस्तरीय जलागार को भरने का कार्य वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से प्राप्त जल से किया जाता है। निगम द्वारा जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि नहर से जल प्राप्त नहीं होने की दशा में नगर निगम द्वारा नलकूपों के माध्यम से उच्चस्तरीय जलागार को भरने का कार्य किया जावेगा। जिससे शहरी क्षेत्र में दिनांक 21.11.2025 सायंकाल से कम मात्रा में जल प्रदाय होगा। जल संसाधन विभाग द्वारा नहर का मरम्मत कार्य पूर्ण होने तक कम मात्रा में जल प्रदाय किया जावेगा, आवश्यक होने पर टेंन्कर के माध्यम से जल प्रदाय किया जावेगा।
