छत्तीसगढ़ सरकार ने एडिशनल एडवोकेट जनरल विवेक शर्मा को नया महाधिवक्ता नियुक्त किया है। राज्यपाल रमेन डेका ने महाधिवक्ता प्रफुल्ल कुमार भारत का त्यागपत्र स्वीकार कर लिया है। विधि और विधायी कार्य विभाग की ओर से जारी अधिसूचना जारी की गई है। इसके अनुसार 2 अलग-अलग आदेश जारी हुए। पहले आदेश में प्रफुल्ल कुमार भारत का त्यागपत्र स्वीकार किया गया और दूसरे आदेश में विवेक शर्मा की नियुक्ति की अधिसूचना जारी की गई। नए महाधिवक्ता विवेक शर्मा हाईकोर्ट में अतिरिक्त महाधिवक्ता के रूप में कार्यरत थे और अब वे राज्य के शीर्ष विधि पद का कार्यभार संभालेंगे। दैनिक भास्कर डिजिटल ने 3 दिन पहले ही बता दिया था कि विवेक शर्मा प्रदेश के नए एडवोकेट जनरल बनाए जाएंगे। विवेक शर्मा (45) प्रदेश के अब तक के सबसे कम उम्र के महाधिवक्ता हैं। महाधिवक्ता राज्य शासन की ओर से हाईकोर्ट में दायर होने वाले मामले में पक्ष रखते हैं। वर्तमान में महाधिवक्ता कार्यालय में 6 एडिशनल एजी, 7 डिप्टी एजी, 12 गर्वमेंट एडवोकेट, 11 डिप्टी गर्वमेंट एडवोकेट और तकरीबन 100 पैनल लॉयर कार्यरत हैं। RSS की पसंद को अहमियत दैनिक भास्कर डिजिटल ने बताया था कि हाईकोर्ट के एडिशनल एडवोकेट जनरल यशवंत ठाकुर, विवेक शर्मा और सीनियर एडवोकेट मनोज परांजपे में से कोई नया महाधिवक्ता बन सकता है। जानकारों का कहना था कि नए महाधिवक्ता की नियुक्ति में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की पसंद को भी अहमियत दी जाएगी। पढ़ें पूरी खबर प्रफुल्ल भारत ने 17 नवंबर को सौंपा था इस्तीफा 17 नवंबर की शाम हाईकोर्ट से एक चौंकाने वाली खबर आई, जिसमें एडवोकेट जनरल प्रफुल्ल एन भारत ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने राज्यपाल रामेन डेका को रिजाइन लेटर सौंपा। वहीं, गवर्नर ऑफिस की ओर से किसी भी प्रकार का आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया। दोपहर में राज्य सरकार की पैरवी, रात को दिया इस्तीफा महाधिवक्ता भारत ने 17 नवंबर को कुछ मामलों में राज्य सरकार की तरफ से पक्ष रखा। शाम को करीब 4.30 बजे उन्होंने ऑफिस में कुछ सहयोगियों के साथ अगले दिन यानि आज होने वाली महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई की तैयारी के लिए दिशा-निर्देश दिए। इसके बाद रात करीब 9 बजे उनके इस्तीफे की खबर आ गई। सब कुछ तय, हटाने से पहले खुद दे दिया इस्तीफा इस्तीफे की वजह सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं की गई, लेकिन कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर इसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। दरअसल, महाधिवक्ता का पद भले ही संवैधानिक पद माना जाता है। लेकिन, महाधिवक्ता की नियुक्ति पूर्णत: राजनीतिक रूप से होती है। बता दें कि प्रफुल्ल एन. भारत ने पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के कार्यकाल में वे 2014 से 2018 तक राज्य के अतिरिक्त महाधिवक्ता रहे, फिर सीनियर एडवोकेट बनाए गए। प्रफुल्ल एन. भारत ने जगदलपुर जिला कोर्ट से करियर की शुरुआत की थी। रिजाइन लेटर पर प्रफुल्ल भारत ने क्या लिखा ? अपने इस्तीफे में प्रफुल्ल भारत ने लिखा कि वे महाधिवक्ता पद से त्यागपत्र दे रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, मंत्रिमंडल के सदस्यों और पूरी प्रशासनिक टीम को मिले सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष राज्य के हितों की रक्षा का कार्य चुनौतीपूर्ण था, जिसमें नौकरशाहों और महाधिवक्ता कार्यालय के सहयोगियों ने भरपूर समर्थन दिया। इसके साथ ही प्रफुल्ल भारत ने राज्यपाल को धन्यवाद देते हुए लिखा कि मुझे राज्य के प्रथम विधि अधिकारी के रूप में सेवा करने का अवसर देने के लिए मैं महामहिम का आभारी हूं। रमन सिंह कार्यकाल में अतिरिक्त महाधिवक्ता रहे पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में वे 2014 से 2018 तक राज्य के अतिरिक्त महाधिवक्ता रहे। बाद में 14 जून 2021 को उन्हें छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय का वरिष्ठ अधिवक्ता (Senior Advocate) नामित किया गया। 12 जनवरी 2024 को उन्हें छत्तीसगढ़ का महाधिवक्ता नियुक्त किया गया था। …………………………….. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… छत्तीसगढ़ सरकार के महाधिवक्ता ने दिया इस्तीफा: प्रफुल्ल भरत ने राज्यपाल को सौंपा रिजाइन लेटर, रमन कार्यकाल में थे सीनियर-एडवोकेट, जगदलपुर से करियर की शुरुआत छत्तीसगढ़ सरकार के महाधिवक्ता (Advocate General) प्रफुल्ल एन. भारत ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सोमवार को राज्यपाल रामेन डेका को रिजाइन लेटर सौंप दिया है। हालांकि, राजभवन ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि इस्तीफा मंजूर हुआ है या नहीं। पढ़ें पूरी खबर…
