एक दौर था जब ईस्ट जर्मनी की कार ट्राबांट (Trabant), जिसे प्यार से ट्रॉबी भी कहा जाता है, को दुनिया की सबसे घटिया कारों में गिना जाता था। इसका चौकोर डिजाइन, तंग सीटें और चलते समय निकलने वाला नीला धुआं लोगों को कभी पसंद नहीं आया था। यह कार कम्युनिस्ट दौर की आर्थिक मजबूरी का प्रतीक मानी जाती थी।
