छत्तीसगढ़ के सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले में सारंगढ़ विधायक उत्तरी गणपत जांगड़े ने सोमवार को कलेक्ट्रेट में कांग्रेस नेताओं और किसानों के साथ प्रदर्शन किया। उन्होंने कलेक्टर से मुलाकात कर किसानों की समस्याओं को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। विधायक उत्तरी गणपत जांगड़े ने ज्ञापन में बताया कि शासन द्वारा 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू की गई है, लेकिन विभिन्न समितियों में यह 7 से 10 दिन की देरी से शुरू हुई। उन्होंने कहा कि खरीदी की लिमिट केवल 35 प्रतिशत रखी गई है, जिसमें ऑनलाइन टोकन की लिमिट 70 प्रतिशत और ऑफलाइन टोकन की लिमिट 30 प्रतिशत है। किसानों को टोकन ऐप के माध्यम से ऑनलाइन टोकन काटने में काफी दिक्कतें आ रही हैं, वहीं समितियों में ऑफलाइन टोकन नहीं काटे जा रहे हैं। बड़े किसानों के लिए ऑनलाइन टोकन में भी लिमिट बहुत कम दिख रही है। इससे किसानों की समस्याएं दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं, और वे धान रखने की जगह की कमी तथा बेमौसम मार से परेशान हैं। किसानों की समस्याओं के समाधान की मांग ज्ञापन में किसानों की समस्याओं का समाधान करने, धान खरीदी की लिमिट बढ़ाने और खरीदी केंद्रों (सेवा सहकारी समिति) को तत्काल ऑफलाइन टोकन काटने के आदेश देने की मांग की गई है। विधायक ने भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर किसानों का पूरा धान नहीं खरीदने का आरोप भी लगाया। इस संबंध में सारंगढ़ बिलाईगढ़ के कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने बताया कि उन्हें ज्ञापन प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि समितियों में धान खरीदी की लिमिट बढ़ाने के लिए 5 दिसंबर को शासन को प्रस्ताव भेजा गया है और एक-दो दिन में लिमिट बढ़ जाएगी। टोकन काटने के मुद्दे पर कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि 70 प्रतिशत ऑनलाइन और 30 प्रतिशत ऑफलाइन टोकन काटे जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि एक-दो जगह पर आई तकनीकी समस्याओं को ठीक कर लिया गया है और अब सभी समितियों में टोकन काटे जा रहे हैं। हम प्रयास कर रहे हैं कि किसानों को किसी भी प्रकार की टोकन काटने में समस्या ना आए और जैसे ही शासन का और भी कुछ निर्देश आएगा उसके आधार पर आगे प्रक्रिया जारी रहेगी फिलहाल सुचारू रूप से धान खरीदी जारी है ।
