हिंदी साहित्य जगत ने आज अपने सबसे अनोखे कलम के जादूगर को खो दिया। ज्ञानपीठ सम्मानित साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल का निधन हो गया। साहित्य के इस अभूतपूर्व क्षति पर देशभर में शोक है। शुक्लजी को करीब से जानने वाले वरिष्ठ साहित्यकार, पत्रकार, इतिहासकार और बुद्धिजीवियों ने उनके साथ के पलों को यादकर उन्हें शब्दांजलि दी है।
