ऐसे किसानों के लिए एकमुश्त समझौता योजना लाई जाएगी। वहीं, भारत सरकार की मंशा के अनुरूप 656 प्राथमिक साख सहकारी, 758 दुग्ध और 203 मत्स्य सहकारी संस्थाओं का गठन किया गया है। सहकारी समितियों को निजी निवेश के माध्यम से व्यावसायिक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
