बांग्लादेश में एक और हिंदू युवक की पीट-पीटकर हत्या:7 दिन में दूसरी घटना; इससे पहले दीपू दास को मारकर जलाया था

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बांग्लादेश में एक बार फिर भीड़ ने हिंदू युवक को पीट-पीटकर मार डाला है। घटना बुधवार रात करीब 11:00 बजे राजबाड़ी जिले के होसेनडांगा गांव में हुई। पुलिस के मुताबिक मृतक की पहचान 29 वर्षीय अमृत मंडल उर्फ सम्राट के तौर पर हुई है। इससे पहले 18 दिसंबर को ढाका के पास हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की भीड़ ने हत्या कर दी थी। बाद में उसे पेड़ पर लटकाकर जला दिया था। पुलिस ने बताया कि अमृत मंडल को भीड़ ने जबरन वसूली के आरोप में मार डाला। मृतक होसेनडांगा गांव का ही निवासी था। पुलिस ने अमृत के साथी मोहम्मद सलीम को गिरफ्तार किया है। उसके पास से दो हथियार बरामद किए। पुलिस SSP ने बताया कि सम्राट के खिलाफ पांगशा पुलिस स्टेशन में कम से कम दो मामले दर्ज हैं। इनमें एक हत्या का मामला भी शामिल है। सम्राट पर गिरोह बनाकर जबरन वसूली का आरोप डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक स्थानीय लोगों ने सम्राट पर एक आपराधिक गिरोह बनाने का आरोप लगाया है। रिपोर्ट के मुताबिक वह लंबे समय से जबरन वसूली और अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल था। भारत में लंबे समय तक छिपने के बाद, वह हाल ही में घर लौटा था। कथित तौर पर सम्राट ने गांव के निवासी शाहिदुल इस्लाम से जबरन वसूली की रकम मांगी थी। कल रात सम्राट और उसके साथी शाहिदुल के घर पैसे लेने गए थे। जब घरवालों ने चोर-चोर चिल्लाकर शोर मचाया, तो स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और सम्राट की पिटाई कर दी। उसके अन्य साथी भागने में सफल रहे, जबकि सलीम हथियारों के साथ पकड़ा गया। दीपू दास की ईशनिंदा के झूठे आरोप में हत्या बांग्लादेश में 18 दिसंबर की देर रात हिंसक प्रदर्शनकारियों के हमले में मारे गए हिंदू युवक के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। दावा किया जा रहा था कि मृतक दीपू चंद्र दास ने फेसबुक पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणी की थी। लेकिन अब जांच में ऐसी किसी टिप्पणी के सबूत नहीं मिले हैं। बांग्लादेश की रैपिड एक्शन बटालियन के कंपनी कमांडर मोहम्मद शम्सुज्जमान ने बांग्लादेशी अखबार ‘द डेली स्टार’ को बताया कि ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जिससे यह कहा जा सके कि दास ने फेसबुक पर कुछ ऐसा लिखा था जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती थीं। दीपू के हत्या के मामले में अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। कपड़ा फैक्ट्री में काम करते थे दीपू दीपू मेमनसिंह जिले के भालुका में टैक्सटाइल कंपनी पायनियर निटवेयर्स में काम करते थे। सोर्स बताते हैं कि फैक्ट्री में अफवाह फैली कि दीपू ने ईशनिंदा की है। फैक्ट्री के बाहर भी ये खबर पहुंच गई। रात करीब 9 बजे तक फैक्ट्री के बाहर भीड़ इकट्ठा हो गई। भीड़ अंदर घुसी और दीपू को खींच कर ले गई। लात, घूंसों और डंडों से उसे पीटना शुरू कर दिया। उसके कपड़े फाड़ दिए। इसी दौरान दीपू की मौत हो गई, तो उसके गले में रस्सी का फंदा डालकर डेडबॉडी सड़क किनारे पेड़ से लटका दी। फिर उसमें आग लगा दी। स्टूडेंट लीडर उस्मान हादी की हत्या के बाद हिंसा भड़की दीपू चंद्र की हत्या जिस वक्त हुई, उसी दौरान बांग्लादेश में हिंसा भड़की हुई थी। इंकिलाब मंच के लीडर 32 साल के शरीफ उस्मान बिन हादी की मौत के बाद से राजधानी ढाका समेत 4 शहरों में आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं हुई हैं। उस्मान हादी अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के विरोध में हुए छात्र आंदोलन के लीडर थे। वे शेख हसीना और भारत विरोधी माने जाते थे। 12 दिसंबर को उन्हें चुनाव प्रचार के दौरान गोली मार दी गई थी। यूनुस सरकार ने उन्हें इलाज के लिए सिंगापुर भेजा था, लेकिन 18 दिसंबर को हादी की मौत हो गई। इससे भड़की भीड़ ने बांग्लादेश के दो बड़े अखबारों द डेली स्टार और प्रोथोम आलो के ऑफिस में आग लगा दी। आरोप है कि हादी के समर्थक इलियास हुसैन ने फेसबुक पोस्ट के जरिए लोगों से राजबाग एरिया में इकट्ठा होने के लिए कहा था। बांग्ला अखबार प्रथोमो आलो और अंग्रेजी अखबार द डेली स्टार के दफ्तर इसी जगह हैं। उस्मान हादी अपनी तकरीरों में प्रोथोम आलो और द डेली स्टार अखबार की आलोचना करते थे। उन्हें हिंदुओं का पक्षधर बताते थे और इन अखबारों के सेक्युलर होने पर आलोचना करते थे। ——————- बांग्लादेश से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… ‘बेटे को मारकर जलाया, अब धमकी- घर छोड़ दो’:बांग्लादेश में हिंदू युवक की हत्या, परिवार बोला- सरकार ने मरने के लिए छोड़ा बांग्लादेश की राजधानी ढाका से करीब 80 किलोमीटर दूर, खेतों के बीच दो कच्चे घर बने हैं। इन्हीं में से एक 25 साल के दीपू चंद्र दास का है। 18 दिसंबर की रात दीपू को भीड़ ने ईशनिंदा के आरोप में पीट-पीटकर मार डाला। इसके बाद उसकी डेडबॉडी जला दी गई। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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