CG New: राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि अरावली पहाड़ियां केवल पत्थरों का ढेर नहीं, बल्कि उत्तर भारत के पर्यावरण संतुलन की रीढ़ हैं। यदि विकास के नाम पर ऐसे प्राकृतिक ढांचों को नष्ट किया गया तो उसका खामियाजा आने वाली पीढ़ियों को भुगतना पड़ेगा।
