जरा सोचिये जहां चार साल में पीपीपी मॉडल पर बना रानी कमलापति रेलवे स्टेशन देश का आधुनिक स्टेशन बन गया, वहां 700 मीटर की एक पिट लाइन तीन साल में भी पूरी नहीं हो सकी। नतीजा यह है कि भोपाल के यात्रियों को लखनऊ के लिए वंदे भारत जैसी तेज और आधुनिक ट्रेन अब तक नसीब नहीं हो पाई।
