दलील दी गई कि भारत के संविधान व सुप्रीम कोर्ट के इंदिरा साहनी के फैसलों में यह स्पष्ट रूप से प्रावधान है कि सर्वप्रथम अनारक्षित वर्ग में प्रमोशन होंगे। इसके बाद आरक्षित वर्ग के जो कर्मचारी मेरिट के आधार पर अनारक्षित में चयनित होंगे उनकी गणना आरक्षित वर्ग में किए जाने का भी नियमों मे प्रविधान है।
