पुलिस पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि 15 हजार रुपये के लेन-देन और छेड़छाड़ की एक घटना को लेकर करमसिंह की हत्या की साजिश रची थी। योजना के तहत 24 दिसंबर 2025 को करमसिंह को घाघरखेड़ा बुलाया। रात करीब 8.9 बजे उसे चिंदी घाटी मंदिर के पीछे जंगल में ले जाकर पत्थर और चाकू से निर्ममतापूर्वक हत्या कर दी गई।
