इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IMPPA) ने पीएम नरेंद्र मोदी से फिल्म धुरंधर के बैन के मामले में दखल देने की अपील की है। एसोसिएशन ने कहा है कि इस फिल्म पर कुछ मिडिल ईस्ट देशों में लगाया गया बैन सही नहीं है। IMPPA ने अपने पत्र में कहा कि फिल्म पर यूएई, सऊदी अरब, कतर, ओमान, कुवैत और बहरीन में रोक लगाई गई है। एसोसिएशन का कहना है कि यह फैसला एकतरफा है और इसे जल्द हटाया जाना चाहिए। इसके लिए सरकार से कूटनीतिक स्तर पर बात करने की मांग की गई है। एसोसिएशन ने यह भी बताया कि धुरंधर को भारत में सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन से मंजूरी मिली थी। फिल्म रिलीज के बाद बॉक्स ऑफिस पर काफी सफल रही। IMPPA का कहना है कि विदेशों में बैन से अभिव्यक्ति की आजादी पर असर पड़ता है। साथ ही इससे विदेशी बाजार में काम करने वाले भारतीय फिल्म निर्माताओं को नुकसान होता है। पत्र में यह भी कहा गया है कि जिन देशों में फिल्म पर बैन लगा है, वे भारत के दोस्त देश माने जाते हैं। भारत के इन देशों के साथ सांस्कृतिक और आर्थिक रिश्ते लंबे समय से रहे हैं। भारतीय फिल्म निर्माता इन इलाकों में नियमित रूप से बिजनेस करते हैं। ऐसे में सरकार से आग्रह किया गया है कि वह संबंधित देशों के अधिकारियों से इस मुद्दे पर बात करे। धुरंधर को आदित्य धर ने डायरेक्ट किया है और इसमें रणवीर सिंह मुख्य भूमिका में हैं। यह एक स्पाई थ्रिलर फिल्म है, जो भारतीय खुफिया एजेंसी से जुड़ी कहानी दिखाती है। खाड़ी देशों में फिल्म को सर्टिफिकेट नहीं मिला। इसकी वजह फिल्म की कहानी, पाकिस्तान से जुड़ा एंगल और कुछ सीन बताए जा रहे हैं। डिस्ट्रीब्यूटर्स का अनुमान है कि बैन की वजह से विदेशों में करीब 90 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसके बावजूद फिल्म ने दुनिया भर में अच्छा प्रदर्शन किया। फिल्म ने ग्लोबल बॉक्स ऑफिस पर 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की।
