मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में दूषित पानी से हुई मौतों ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। कांग्रेस ने इस मामले में भाजपा सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए इसे प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार का नतीजा बताया है। पार्टी का कहना है कि पाइपलाइन बदलने की मंजूरी वर्षों पहले मिलने के बावजूद काम नहीं हुआ, जिससे गंभीर जनस्वास्थ्य संकट पैदा हुआ।
