छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में DTO (डिस्ट्रिक्ट ट्रांसपोर्ट ऑफिसर) के घर 5 करोड़ की चोरी हुई है। अफसर की भतीजी ने बॉयफ्रेंड और साथियों के साथ मिलकर 15 लाख कैश, करीब 4 किलो सोने की चोरी की। इन पैसों से अय्याशी की। आईफोन और कार भी खरीदी। DTO अफसर की भतीजी ने पहले आईफोन खरीदने के लिए 2 लाख चुराए, फिर बर्थडे पार्टी के लिए 3 लाख चुराए। इसके बाद आखिरी बार पूरा सूटकेस ही चुराकर ले आई। सूटकेस में सोने की 1-1 किलो की 2 सिल्लियां थी। 100-150 ग्राम के करीब 15 बिस्किट थे। DTO अफसर की भतीजी वारदात के बाद सूटकेस लेकर साथियों की कार से अपने बॉयफ्रेंड के घर आ गई। सूटकेस को 3 दिन तक खोले। सूटकेस से सोने की सिल्लियां और बिस्किट निकली। इनमें से 4 बिस्किट ओडिशा के राउरकेला में बेचा, लेकिन इन सबके बीच बाकी का सोना चोरी हो गया। पकड़े जाने के बाद मास्टरमाइंड मीनल निकुंज ने कहा कि उसे पछतावा हो रहा है। अपने ही घर में चोरी कर बुरा लग रहा है। मुझे ऐसा नहीं करना था। पढ़िए इस रिपोर्ट में कैसे 5 लोगों ने मिलकर 5 करोड़ की चोरी की, कहां-कहां अय्याशी की, कैसे पकड़े गए ? अब जानिए क्या है पूरा मामला ? दरअसल, 6 दिसंबर 2025 को DTO विजय कुमार की पत्नी सुषमा निकुंज (52) ने नारायणपुर थाने में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस को बताया कि उनका पुराना पैतृक घर केराडीह में है, जबकि वे वर्तमान में पति और भतीजे के साथ जशपुर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के शासकीय क्वार्टर में रहती हैं। सुषमा निकुंज ने बताया कि जब वे अपने पुराने घर पहुंचीं। मुख्य दरवाजा खोला, तो अंदर के कमरे का कुंडा टूटा हुआ था। दीवान में रखी अटैची से करीब 15 लाख रुपए कैश, सोने का सिक्का और जेवरात गायब थे। इनकी कीमत करीब 5 करोड़ रुपए आंकी गई। शक की सुई भतीजी पर जाकर ठहर गई जांच के दौरान पता चला कि कुछ दिन पहले ही DTO विजय कुमार की भतीजी मीनल निकुंज घर की साफ-सफाई के लिए वहां आई थी। मीनल निकुंज 2024 से जशपुर में रहकर कॉलेज की पढ़ाई कर रही थी। FIR की खबर लगते ही मीनल निकुंज अपने बॉयफ्रेंड अनिल प्रधान के साथ फरार हो गई। DTO विजय कुमार की पत्नी की शिकायत के बाद पुलिस लगातार मीनल निकुंज को पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही थी। इसी बीच पता चला कि मीनल निकुंज अपने बॉयफ्रेंड अनिल प्रधान के साथ झारखंड के राची में एक होटल में ठहरी हुई। सूचना पुख्ता होते ही पुलिस ने मीनल और अनिल होटल से गिरफ्तार किया। पुलिस को गुमराह किया, फिर उगल दिए सारे राज पुलिस ने DTO विजय कुमार की भतीजी मीनल निकुंज से पूछताछ की। मीनल ने पहले पुलिस को गुमराह किया, लेकिन कड़ाई से पूछताछ करने पर सच उगल दिया। मिनल ने स्वीकार किया कि उसने अपने बॉयफ्रेंड अनिल प्रधान के उकसावे पर अपने ही बड़े पिताजी के घर में चोरी की। आईफोन से शुरू हुआ अपराध का सिलसिला मीनल निकुंज ने बताया कि सोशल मीडिया के जरिए उसकी दोस्ती अनिल प्रधान से हुई, जो जशपुर में रहकर एक निजी फाइनेंस कंपनी में काम करता था। दोनों की नजदीकियां बढ़ीं और वे लिव-इन में रहने लगे, लेकिन वह ऐशो-आराम की जिंदगी जीना चाहती थी। आईफोन लेना चाह रही थी। इसी बीच मीनल अप्रैल 2025 में अपने गांव केराडीह गई, तो सफाई के दौरान उसे कमरे में दीवान के अंदर एक अटैची मिली, जिसमें भारी मात्रा में नकदी रखी थी। यहीं से अपराध की नींव पड़ी। आईफोन खरीदने के लिए उसने पहली बार 2 लाख रुपए चुपचाप निकाल लिए। धीरे-धीरे बढ़ी चोरी, फिर उठाया पूरा सूटकेस मीनल निकुंज ने बताया कि किसी को भनक नहीं लगी, तो लालच बढ़ता चला गया। पहले 2 लाख, फिर 3 लाख और आखिरकार 20 मई 2025 को मिनल ने हद पार कर दी। उसने दादी से कमरे की चाबी चुराई और पूरा सूटकेस स्कूटी से आधे रास्ते तक ले आई, जहां पहले से मौजूद अनिल प्रधान और उसके साथी कार में इंतजार कर रहे थे। चोरी के बाद जब सूटकेस खोला गया, तो उसमें 15 लाख रुपए कैश, सोने के बिस्किट और जेवरात निकले। अगले दिन मिनल का जन्मदिन था। यही पैसा जश्न का जरिया बन गया। चोरी के पैसों से सभी आरोपी रायपुर पहुंचे, जहां एक विला बुक कर दो दिन तक जमकर मौज-मस्ती की। 25 लाख रुपए की हरियर कार खरीदी इस दौरान 5 लाख रुपए से अधिक रकम उड़ाई गई। इसके बाद आरोपी सोने के बिस्किट बेचने राउरकेला (ओडिशा) पहुंचे, जहां उन्हें करीब 8 लाख रुपए मिले। रकम आपस में बांटी गई। बाकी सोना जशपुर के किराए के मकान में छुपा दिया गया। इसी पैसे से करीब 25 लाख रुपए की हरियर कार भी खरीदी। मीनल निकुंज ने बताया कि राउरकेला में सोना बेचने के दौरान जशपुर में किराए के कमरे में रखा करीब साढ़े तीन किलो सोना सूटकेस समेत चोरी हो गया। इसी बीच जब परिवार को पूरी घटना का पता चला, तो सभी आरोपी फरार हो गए थे, लेकिन आखिरी में पकड़े गए।
