मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में यह अभियान नशे को अपराध नहीं, बल्कि सामाजिक बीमारी मानकर लड़ रहा है। तस्करों पर सख्ती के साथ-साथ पीड़ितों के पुनर्वास पर भी उतना ही जोर है। डी-एडिक्शन सेंटरों को मजबूत किया गया है और स्कूलों में बच्चों को नशे के खिलाफ जागरूक किया जा रहा है।
