आजकल विद्यार्थी ही अपने आप से ज्यादा अपेक्षाएं पाल ले रहे हैं और उनकी तैयारी भी नहीं है। मेहनत भी कम है और उनमें आत्मसंतुष्टि नहीं है। फिर भी वे टापर की श्रेणी में आने का सपना देख रहे हैं, जिससे उनमें तनाव व अवसाद जैसी समस्या सामने आ रही है। विद्यार्थी स्वयं का आकलन कर उस हिसाब से योजना बनाएं।
