आरोपी डॉ. रामसखा वर्मा ने अपना प्रभाव जमाने के लिए पीड़िता के सामने ही कथित रूप से जिले के कलेक्टर को फोन लगाया और नौकरी के आदेश के संबंध में बात करने का नाटक किया। उसने पीड़िता को भरोसा दिलाया कि मुख्यमंत्री के किसी आदेश के कारण प्रक्रिया में देरी हो रही है, लेकिन जल्द ही नियुक्ति आदेश जारी हो जाएगा।
