ड्रग्स क्वीन नाव्या मलिक को मंगेतर ने फंसाया:रिश्ता खत्म करना चाहता था, दिल्ली से माल आने की जानकारी पुलिस तक पहुंचाई, चार्जशीट में खुलासा

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रायपुर के सबसे चर्चित नाव्या मलिक और गैंग से जुड़े ड्रग्स केस में जल्द ही ट्रायल शुरू होने वाला है। पुलिस ने केस की चार्जशीट कोर्ट में जमा कर दी है। ये चार्जशीट भास्कर ने भी पढ़ी। पुलिस ने मामले में कुल नौ लोगों को आरोपी बनाया है। बड़ा खुलासा है ये है कि ये पूरा गैंग पुलिस के हत्थे चढ़ा क्योंकि नाव्या मलिक का मंगेतर अयान परवेज उससे दूरी बनाना चाहता है। ब्रेकअप करने के लिए उसे दूसरा कोई ऑप्शन नहीं मिला। ऐसे में उसने दिल्ली से ड्रग्स आने की जानकारी पुलिस तक पहुंचा दी। जबकि वो खुद भी नाव्या के साथ मिलकर ड्रग्स बेचा करता था। इसके इर्द-गिर्द केस से जुड़ी कई और कहानियां है, जो पर्दे की पीछे ही रह गई। पुलिस ने मामला सिर्फ 9 आरोपियों तक ही सीमित रखा है। उन रसूखदारों का कोई जिक्र नहीं, जिनकी चर्चा पूरे इंवेस्टिगेशन के दौरान चल रही थी। इसके अलावा उन नामों का भी जिक्र नहीं है, जिनके साथ नाव्या ने बाहरी देशों में ट्रैवल किया। लेकिन इसके अपार्ट कई चौंकाने वाले फैक्ट चार्जशीट में शामिल हैं। सबसे खास ये है कि चार्जशीट में इन नौ आरोपियों के अलावा एक और शख्स है, जिसका जिक्र बार-बार ‘ग्लोरी टू बी गॉड’ के नाम से हुआ है। पढ़िए ये रिपोर्ट… द पार्सल डे (दिल्ली से ड्रग्स रायपुर पहुंचने का दिन)
23 अगस्त 2025
शाम 7 बजकर 40 मिनट
रायपुर का गंज थाना थाने के अधिकारी-सिपाही अपने डेली रूटीन में व्यस्त में हैं। तभी एक कॉल आया। सब इंस्पेक्टर काशी नाथ मंडावी ने ये कॉल अटैंड किया। कॉल करने वाले ने अपना इंट्रो दिए बिना सीधे बताया- दिल्ली से ड्रग्स का एक पार्सल आया है। ये रायपुर की पार्टियों में खपाया जाएगा। तीन लोग इस ड्रग स्मगलिंग में इन्वॉल्व हैं। ये तीनों देवेन्द्र नगर चौक के पास रेलवे स्टेशन के पास वाले ओव्हर ब्रिज के नीचे खड़े हैं। इनके पास सफेद रंग की सोनेट कार है। तत्काल एक्शन नहीं लिया गया तो, तीनों इधर-उधर हो जाएंगे। इसके बाद आगे कोई और बात नहीं हुई। कॉल कट… सब इंस्पेक्टर मंडावी ने सूचना को गंभीरता से लिया। स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल फॉलो करते हुए स्टाफ को मौके पर भेजा। सोर्स ने जो बताया था, मौके पर वो दिखा। इसके बाद पुलिस की टीम ने ओव्हर ब्रिज चारों तरफ से घेर लिया। सफेद रंग की सोनेट गाड़ी और इसके पास खड़े तीनों को मार्क कर पकड़ लिया गया। इनमें से एक व्यक्ति ने अपना नाम मोनू बिश्नोई (29 साल) बताया। मोनू दिल्ली से ड्रग्स लेकर आया था। इसके अलावा हर्ष आहूजा (23 साल) और दीप धनोरिया (41 साल) को पुलिस ने गिरफ्तार किया। ये दोनों रायपुर के ही थे। तीनों के पास से पुलिस ने 27.58 ग्राम ड्रग्स (MDMA) जब्त किया। सक्सीड ऑफ प्लान (गिरफ्तारी के 22 घंटे 06 मिनट बाद)
24 अगस्त 2025
शाम 5 बजकर 46 मिनट
अननोन लोकेशन नाव्या का होने वाला मंगेतर अयान मलिक (29 साल) तेजी से एक्टिवा चलाते हुए अपने घर मोतीनगर, टिकरापारा की ओर जा रहा है। तभी उसे उसके दोस्त सोहेल खान (29 साल) का कॉल आता है। सोहेल और अयान के बीच बातचीत शुरू होती है। दोनों पुलिस की एक प्रेस रिलीज के बारे में बात कर रहें है।
(ये प्रेस रिलीज रायपुर पुलिस ने अपने लोकल मीडिया ग्रुप में दोनों की बातचीत शुरू के आधे घंटे पहले ही सर्कुलेट की है। प्रेस रिलीज में 23 अगस्त की शाम को हुई कार्रवाई का ब्रीफ है।) कॉल रिकार्डिंग की ये स्क्रिप्ट पढ़कर आपको समझ आ गया हो गया कि 23 अगस्त की शाम गंज थाने में दिल्ली से ड्रग्स आने की जानकारी देने वाला अयान का दोस्त सोहेल था। अब स्टोरी आगे बढ़ाते हैं…लेकिन इससे पहले आप को बताते हैं कि इंट्रोगेशन के दौरान मोनू बिश्नोई, हर्ष आहूजा और दीप धनोरिया ने क्या बताया। कैसे नाव्या मलिक की इस केस में एंट्री हुई। ये सब जानने के लिए अयान-सोहेल की बातचीत शुरू होने के कुछ घंटे पीछे जाना होगा। गर्ल बिहाइंड द गेम (इंट्रोगेशन रूम)
24 अगस्त 2025
दोपहर, 12 बजकर 10 मिनट
अननोन लोकेशन इंट्रोगेशन के दौरान मोनू, हर्ष और दीप इन तीनों ने बताया कि 23 अगस्त की शाम ये तीनों पहली बार मिले थे। इन तीनों की कोई कनेक्शन हिस्ट्री भी सामने नहीं आई। मोनू का काम सिर्फ दिल्ली से ड्रग्स रायपुर लेकर आना था। उसे इंस्ट्रक्शन मिले थे कि ड्रग्स हर्ष आहूजा को देना है। वहीं दीप को इंस्ट्रक्शन मिले थे कि उसे हर्ष से मिलना है। तीन पैकेट है, इसे वजन के हिसाब से अलग-अलग कर पैकेट तैयार करना है। ताकि उसे बेचा जा सके है। और हर्ष आहूजा का काम मोनू से पार्सल लेकर उसके एवज में उसे पैसे देने का था। हर्ष ने 1 लाख 15 हजार रुपए मोनू को दिए। तीनों से जब पूछा गया तो कि एक-दूसरे का नंबर कैसे एक्सचेंज हुआ। पैसे कहां से मिले, तब मोनू ने बताया नाव्या ने उसे हर्ष का नंबर दिया था। हर्ष ने बताया नाव्या ने ही उसे दीप का नंबर दिया था। इस तरह तीनों एक-दूसरे से कनेक्ट हुए। और पहली बार नाव्या मलिक की एंट्री इस केस में हुई। ब्रीच ऑफ ट्रस्ट (पार्सल पहुंचने के दो दिन पहले)
21 अगस्त 2025
सुबह 10 बजकर 30 मिनट
कटोरा तालाब, रायपुर नाव्या मलिक ने मोनू बिश्नोई को कॉल किया। बिश्नोई से कहा- उसे 23 अगस्त तक रायपुर में ड्रग्स चाहिए। बिश्नोई ने ग्रीन फ्लैग दिया। इसके बाद नाव्या ने सीधे अपने मंगेतर अयान परवेज कॉल किया। अयान को नाव्या ने दिल्ली से आने वाले अपने ड्रग पार्सल की पूरी जानकारी दी। बताया कि पार्सल रिसीव करने लिए उसे 45 हजार रूपए की जरूरत है। अयान पैसे देने को राजी हो गया। नाव्या ने अयान को हर्ष आहूजा और उसके ऑफिस का नंबर दिया। कहा- पैसे हर्ष के ऑफिस पहुंचा दे, डिलीवरी लेने वही जाएगा। अयान ने अपने ऑफिस में काम करने वाले जुनैद अख्तर और सोहेल खान को बुलाया। अयान ने दोनों को बताया कि नाव्या ने दिल्ली से फिर ड्रग्स मंगवाया है। मुझे किसी हर्ष आहूजा नाम के लड़के काे 45 हजार रूपए देने को कहा है। तुम दोनों पैसे उसके ऑफिस छोड़ आओ। इसके बाद जुनैद और सोहेल ने पैसे उठाए और हर्ष आहूजा के अवंति विहार वाले ऑफिस की ओर निकलने लगे। जाने से पहले अयान ने दोनों को एक और इंस्ट्रक्शन दिया। उसने कहा- तुम दोनों नाव्या के मूवमेंट पर नजर रखो। ड्रग्स कब पहुंच रहा है, ध्यान रखना। मुझे उसके साथ अपना रिलेशनशिप खत्म करना है। जैसे ही ड्रग्स रायपुर पहुंचे, तुम दोनों तत्काल उसकी जानकारी कॉल करके पुलिस को दे देना और पार्सल पकड़वा देना। दोनों ने ठीक वैसा ही किया और 23 अगस्त को ड्रग्स पकड़वा दिया। पुलिस ने 30 अगस्त को नाव्या मलिक को गिरफ्तार किया। नाव्या ने पुलिस के सामने कई खुलासे किए। इसके बेस पर अयान, जुनैद, सोहेल के अलावा अन्य दो आरोपी विधि अग्रवाल और रिषि टंडन को आगे गिरफ्तार किया गया। इन सभी ने पुलिस को सिंडिकेट के बारे कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं। वो जानकारी क्या है? ये सिंडिकेट कैसे बना? कैसे ऑपरेट हो रहा था? इसके अलावा वो दसवां शख्स जिसका जिक्र चार्जशीट में ‘ग्लोरी टू बी गॉड’ के नाम से कई बार हुआ वो कौन है? ये सबकुछ आपको कल इस रिपोर्ट के दूसरे पार्ट में बताएंगे।

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