1 जनवरी 2025 के बाद प्रदेश में 1,71,413 वाहनों का पंजीकरण केवल 1,342 मोबाइल नंबरों के आधार पर कर दिया गया। परिवहन आयुक्त कार्यालय ने कहा है कि इस गड़बड़ी के पीछे डीलर्स की सुस्ती और प्रक्रियाओं की अनदेखी मुख्य कारण है। इसका सीधा परिणाम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
