केंद्र सरकार ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर रविवार को 2026 के लिए 131 पद्म पुरस्कारों का ऐलान किया। इनमें 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्मश्री शामिल हैं। इनमें छत्तीसगढ़ के डॉक्टर रामचंद्र गोडबोले और सुनीता गोडबोले के साथ बुधरी ताती पद्मश्री सम्मान से नवाजी जाएंगी। ये तीनों हस्तियां दंतेवाड़ा जिले के रहने वाले हैं। समाजसेवा, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। CM विष्णु देव साय ने इन तीनों को पद्मश्री पुरस्कार के लिए चुने जाने पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात है। समाजसेवी बुधरी ताती महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने लिए बस्तर संभाग के करीब 545 गांवों की महिलाओं को जागरूक बनाया है। वहीं डॉक्टर रामचंद्र गोडबोले और डॉक्टर सुनीता गोडबोले ने अब तक 1 लाख से ज्यादा मरीजों का फ्री में इलाज किया है। समाज सेवा के लिए दंपती को अवार्ड मिला है। अब पढ़िए बुधरी ताती के बारे में, 15 साल की उम्र से समाजसेवा दंतेवाड़ा जिले के हिरानार गांव की रहने वाली बुधरी ताती पिछले करीब चार दशक से समाजसेवा में जुटी हैं। इन्होंने करीब 15 साल की उम्र से ही समाजसेवा का काम शुरू कर दिया था। बस्तर में महिलाओं को जागरूक करने से लेकर शिक्षित करने का काम किया। साथ ही वृद्धा आश्रम, अनाथ आश्रम जैसी संस्थाएं चलाती हैं। इन्होंने अपना जीवन समाजसेवा के लिए समर्पित कर दिया। बुधरी ताती महिलाओं को आत्म निर्भर बनाने लिए बस्तर संभाग के अलग-अलग करीब 545 गांवों की पद यात्रा भी की हैं। समाज सेवा के लिए काम करने पर इन्हें डॉक्टर की भी उपाधि मिली है। इनकी उम्र करीब 55 से 60 साल है। अब तक 22 पुरस्कारों से नवाजी जा चुकी हैं। इनमें 3 से ज्यादा राष्ट्रीय स्तर के अवार्ड हैं। वहीं पद्मश्री की घोषणा होने के बाद बधाई देने इन्हें लोगों की भीड़ इनके घर पहुंच रही है। बस्तर के ‘डॉक्टर भैया’ और ‘भाभी’ को श्री पद्मश्री सम्मान डॉ. रामचंद्र गोडबोले और उनकी पत्नी सुनीता गोडबोले दंतेवाड़ा के आदिवासी इलाके में पिछले 35 साल से नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं। ये दोनों पति-पत्नी हैं। मूल रूप से महाराष्ट्र के सतारा के रहने वाले हैं। 1990 में बारसूर (दंतेवाड़ा) आकर बस गए। तब से ये दक्षिण बस्तर, बीजापुर और सुकमा के वनवासी समुदाय की सेवा में अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। गोडबोले दंपती MAAS योजना के तहत बच्चों को कुपोषण और एनीमिया से बचाने का काम कर रहे हैं। इसके साथ ही दूर-दराज के गांवों में मेडिकल कैंप लगाते हैं। लगातार फॉलो-अप करते हैं। मेरे सामने बैठा हर आदिवासी मेरे लिए भगवान- डॉ. रामचंद्र डॉ. रामचंद्र जिन्हें लोग प्यार से “डॉक्टर भैया” कहते हैं, अब तक 1 लाख से ज्यादा मरीजों का इलाज कर चुके हैं। वहीं सुनीता गोडबोले आदिवासी महिलाओं के संगठन और स्वास्थ्य जागरूकता में सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। साथ ही स्कूल के बच्चों को स्वास्थ्य शिक्षा और संस्कार भी देते हैं। डॉ. गोडबोले का कहना है कि मेरे सामने बैठा हर आदिवासी मेरे लिए भगवान है। 3 श्रेणियों में दिया जाता है पद्म पुरस्कार देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल पद्म पुरस्कार तीन श्रेणियों- पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण में प्रदान किए जाते हैं। ये पुरस्कार कला, समाज सेवा, साइंस, इंजीनियरिंग, बिजनेस, इंडस्ट्री, चिकित्सा, साहित्य, शिक्षा, खेल और सिविल सेवा जैसे विविध क्षेत्रों में उत्कृष्टता के लिए दिए जाते हैं। ………………………………….. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़ें… धर्मेन्द्र को पद्म विभूषण, रोहित शर्मा को पद्मश्री सम्मान: शिबू सोरेन-अलका याग्निक को पद्म भूषण, 131 हस्तियों को पद्म पुरस्कार का ऐलान केंद्र सरकार ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर रविवार को 2026 के लिए 131 पद्म पुरस्कारों का ऐलान किया। इनमें 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्मश्री शामिल हैं। दिवंगत एक्टर धर्मेंद्र को पद्म विभूषण, झारखंड के पूर्व सीएम दिवंगत नेता शिबू सोरेन और बॉलीवुड सिंगर अलका याग्निक को पद्म भूषण दिया जाएगा। पढ़ें पूरी खबर…
