ग्रामीणों को देखते ही हेडमास्टर घबरा गए और आनन-फानन में कक्षा में पढ़ाने का प्रयास करने लगे, लेकिन नशे की हालत इतनी गंभीर थी कि वे ठीक से खड़े भी नहीं हो पा रहे थे। घटना की जानकारी तत्काल जिला शिक्षा अधिकारी को दी गई। इसके बाद रामानुजनगर बीईओ डीएस. लकड़ा के नेतृत्व में एक जांच टीम मौके पर पहुंची।
