ऑस्ट्रेलियन ओपन को ‘कंडीशन स्लैम’ कहा जाता है और 2026 में यह बात महिला व पुरुष दोनों वर्गों के सेमीफाइनल और फाइनल में साफ दिखाई दी। मेलबर्न की तेज गर्मी और रात की ठंडी परिस्थितियों ने सिर्फ खेल की रफ्तार नहीं बदली, मैच की रणनीति और नतीजे भी तय किए। साल का यह पहला टेनिस ग्रैंड स्लैम उन खिलाड़ियों के नाम रहा, जिन्होंने हालात के हिसाब से अपने खेल को ढाला। महिला कैटेगरी में एलिना रायबकिना और पुरुषों में 22 वर्षीय कार्लोस अल्कारेज ने ट्रॉफी उठाई। महिला: रायबकिना के बेसलाइन खेल ने बदला नतीजा – दिन के सेशन में पेगुला-एलिना रायबकिना के सेमीफाइनल में गर्मी ने रैलियों को छोटा कर दिया। रायबकिना की फ्लैट और पावर हिटिंग निर्णायक रही।
– सबालेंका व एलिना स्वितोलिना के दूसरे सेमीफाइनल में स्वितोलिना ने धैर्य-मूवमेंट से मैच लंबा रखने की कोशिश की, लेकिन सबालेंका की आक्रामक रिटर्न ने फर्क पैदा किया।
– आर्यना सबालेंका-रायबकिना के बीच रात में हुए फाइनल में तापमान गिरने से बॉल स्लो हुई और मैच पावर से निकलकर रणनीति की लड़ाई बन गया। रायबकिना ने बेसलाइन से गहराई व एंगल्स पर भरोसा किया, जिसने रणनीति पर असर डाला। मुकाबले ने साबित किया कि फाइनल वैरायटी मांगता है। पुरुष: अल्कारेज ने जोकोविच को थकाकर हराया – 38 साल के जोकोविच और 24 वर्षीय सिनर के मैच में अनुभव भारी पड़ा। सिनर की तेज हिटिंग ने दबाव बनाया, लेकिन लंबी रैलियों में जोकोविच की डिफेंस ने दिशा बदली।
– अल्कारेज-ज्वेरेव मैच पावर बनाम ऑल-राउंड गेम की जंग रहा। ज्वेरेव की सर्विस व बैकहैंड असरदार रहे, लेकिन अल्कारेज ने ड्रॉप शॉट व नेट प्ले से रिदम तोड़ा। रात की कंडीशन में अल्कारेज की फुर्ती और वैरायटी निर्णायक बनी।
– अल्कारेज-जोकोविच के फाइनल के पहले सेट में जोकोविच ने रिटर्न पर ज्यादा आक्रामकता अपनाई, ताकि पॉइंट छोटे रखे जा सकें। लेकिन इसके बाद अल्कारेज ने हर पॉइंट लंबा खींचकर जोकोविच को थकाया और मैच पर कब्जा किया।
