एनजीटी ने चेतावनी देते हुए कहा है कि आदेशों की अवहेलना करने वालों पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई हो सकती है। इन गतिविधियों से स्थानीय पर्यावरण को हुए नुकसान की भरपाई भी दोषियों से ही कराई जाएगी। जल संसाधन विभाग को महीने में कम से कम दो बार क्षेत्र में गश्त करनी होगी, ताकि भविष्य में डंपिंग रुक सके।
