केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की गाइडलाइन के मुताबिक फार्मा और अन्य उद्योगों के ईटीपी से छोड़े जाने वाले पानी में हानिकारक तत्वों के साथ एंटीबायोटिक की जांच भी होनी चाहिए। सुनिश्चित करना मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जिम्मेदारी है। इंदौर कार्यालय के पास पानी में एंटीबायोटिक की जांच की सुविधा ही नहीं है। ऐसे में सवाल यह है कि पानी में एंटीबायोटिक की जांच कैसे की जाएगी।
