छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में कोसा साड़ी व्यापारी का डेढ़ करोड़ रुपए मार्केट में दुकानदारों के पास फंस गया है। पैसे वापस नहीं मिलने पर अनोखे तरीके से विरोध में देनदारों और भगवान की फोटो लगाकर दंडवत रथ यात्रा निकाली है। पत्नी और परिवार के साथ देवी मंदिरों में मत्था टेककर अपने उधारी के पैसों को वापस दिलाने की प्रार्थना कर रहा है। व्यापारी का कहना है कि, थाने में भी मेरी FIR नहीं लिखी गई। मंदिर गया, तो मां काली मेरे सपने में आई थी। बोलीं कि, बेटा मनोज मैं तेरी मनोकामना पूरी कर दूंगी। लेकिन जैसा मैं कहूंगी तुम्हें वैसा करना पड़ेगा। इसलिए उनके कहने पर ऐसा कर रहा हूं। इतनी बड़ी रकम फंसने से मानसिक और आर्थिक रूप से काफी परेशान है। पिता को एक बार हार्ट अटैक भी आ चुका है। जिनके इलाज के लिए भीख तक मांगनी पड़ी, लेकिन व्यापारियों ने मेरे ही पैसे देने से इनकार कर दिया। अब इनकी शिकायत एसपी से भी करने की बात कही है। देखिए तस्वीरें… चलिए अब जानते हैं कि, आखिर कोतरा रोड इलाके के रहने वाले साड़ी व्यापारी मनोज देवांगन घर से दंडवत यात्रा पर क्यों निकले हैं? मां काली ने उसके सपने में आकर क्या कुछ कहा है ? अब वो आगे क्या करने वाला है? व्यापारी की कहानी उसी की जुबानी पढ़िए दरअसल, कोसा साड़ी के थोक व्यापारी मनोज देवांगन (36) का कहना है कि, मैं पिछले 10–12 साल से कोसा साड़ियों का थोक व्यापार कर रहा हूं। रायगढ़ समेत कई जगहों से करीब 100 व्यापारी उनके पास से कैश और उधार में साड़ियां लेकर व्यापार करते हैं। वो समय-समय पर पैसा भी दे देते हैं। लेकिन रायगढ़ के 6 देवांगन समाज के व्यापारी हैं। जिन्होंने साड़ियां उधार ली थी। अब वो लोग मेरी तरक्की देखकर पैसा रोक दिए हैं। जिनकी कुल बकाया राशि करीब डेढ़ करोड़ रुपए है। जबकि मैं जीएसटी देकर व्यापार करता हूं। कानूनी एक्शन लूंगा कहता हूं तो कानून को खरीद लेंगे कहते हैं। कई बार मांगने के बावजूद अब ये व्यापारी भुगतान करने से आनाकानी कर रहे हैं। पिता को आ चुका है हार्ट अटैक पिछले करीब डेढ़ महीने पहले जब मेरे पिता को हार्ट अटैक आया, तब भी उन व्यापारियों से इलाज के लिए रुपए मांगे, लेकिन उन्होंने देने से मना कर दिया। व्यापारियों ने कहा कि, तुम्हारे पिता को अटैक आया है, तो उसका ठेका हमने नहीं ले रखा है। हमारा जब मन होगा, तब पैसा देंगे, वरना नहीं देंगे। इस दौरान मुझे भीख तक मांगनी पड़ गई। कारोबार में मेरे घर की पूंजी है। बैंक लोन भी लगा है। जिसका ब्याज भी मुझे देना पड़ता है। इसलिए काफी परेशान हूं। एसआई ने नहीं लिखी FIR, नोटिस बेअसर मनोज ने बताया कि, मैं सिटी कोतवाली थाने में भी FIR के लिए आवेदन लेकर गया था। वहां एसआई एनू देवांगन सर बैठते हैं, उन्होंने कहा कि, सामाजिक मामला है इसलिए आपस में बात कर सुलझा लो। क्योंकि व्यापारिक लेन-देन में FIR नहीं होती है। हत्या, चोरी और डकैती होती तो FIR दर्ज कर लेता। एक वकील के माध्यम से 2-3 व्यापरियों को कानूनी नोटिस भी दिया था, लेकिन वो लोग पोस्टमैन को पैसे देकर नोटिस लेने से इनकार कर देते हैं। मंदिर गया, तो मां काली सपने में आई यह सब देखकर मैं मां काली के मंदिर गया। उनसे विनती की। जिसके बाद मां काली मेरे सपने में आई और बोलीं कि, बेटा मनोज मैं तेरी मनोकामना पूरी कर दूंगी। लेकिन जैसा मैं कहूंगी तुम्हें वैसा करना पड़ेगा। जब भी मैं पूजा करने निकलता हूं, तब मां काली मेरे सपने में आती है। मां काली ने मुझसे कहा कि, 111 जगह से अलग-अलग स्थान और देवियों से कर नापने का संकल्प लेगा। ऐसे करते रहेगा। इसलिए मां काली के कहने के अनुसार चल रहा हूं। मंगलवार को 16 नंबर का कर नाप रहा हूं। व्यापारी जो पेमेंट देने से इनकार कर रहे थे, वो कुछ हद तक देने के लिए हां कह रहे हैं। यह सब चमत्कार मां काली ही कर रही हैं। रथ में देनदारों की लगाई फोटो मनोज देवांगन ने एक रथ बनाया है, जिसमें मां काली का दरबार सजाया है। इसके अलावा देनदारों की फोटो भी लगाई है। उसका कहना है कि, अब पिता के साथ एसपी के पास भी पहुंचकर शिकायत करूंगा। मुझे विश्वास है कि, एसपी साहब हमारी मदद करेंगे।
