जीवाजी विश्वविद्यालय का खेल विभाग एक बार फिर विवादों में है। पिछले माह जयपुर में आयोजित हैंडबाल प्रतियोगिता में भाग लेने गए 14 खिलाड़ियों को अब तक डीए, प्राइज मनी और अन्य देय राशि का भुगतान नहीं किया गया है। खिलाड़ियों का आरोप है कि प्रति खिलाड़ी करीब 4500 से 5000 रुपये मिलने थे, लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी उन्हें कोई राशि नहीं दी गई।
