इस घटना में बाल-बाल बचे डालचंद ने बताया कि पूरन ने साहब को पीठ पर गोली मार दी। आवाज सुनकर में जब मैं कमरे से बाहर निकला तो, मुझ पर भी उसने कट्टा तान दिया था तब मैं भागते समय गिर गया, इसलिए मुझे गोली नहीं लग पाई। इसके बाद पूरन ने नर्सरी में ही काम करने वाली मेरी मौसी सुमन पर फायर किया।
