हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व है। एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है और इस दिन विधिवत रुप से पूजा की जाती है। पापमोचनी एकादशी का दिन व्रत रखने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है। इसके साथ ही जीवन जीने का नया सार मिलता है। 15 मार्च को पापमोचनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा। इसके साथ ही इसका फल भी आपको अच्छा प्राप्त होगा। आइए आपको इस लेख में बताते हैं कि पूजा की सामग्री और विधि के बारे में, इससे आपकी पूजा पूरी मानी जाएगी। इसके साथ ही इसका फल भी आपको अच्छे से प्राप्त होगा।
पापमोचनी एकादशी पूजा सामग्री
– भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र
– पीले वस्त्र भगवान विष्णु के लिए
– पीले गुलाब या गेंदे के फूल
– पंचामृत- दूध, दही, घी, शहद और शक्कर का मिश्रण
– धूप-दीप-शुद्ध देसी घी का दीपक और अगरबत्ती
– मौसमी फल
– अक्षत और रोली
– तांबे या पीतल का कलश
पापमोचनी एकादशी की पूजा विधि
– एकादशी के दिन सबसे सुबह सूर्योदय से पहले उठ जाएं और इसके बाद स्नान कर सकते हैं।
– साफ पीले कपड़ों को पहनें।
– हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लें।
– एक चौकी पर पीला कपड़ा बिछाएं और इसके बाद भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित करें।
– इसके साथ ही पास में एक जल से भरा कलश रखें।
– भगवान विष्णु को पंचामृत से स्नान कराएं और फिर शुद्ध जल से अभिषेक करें।
– इसके बाद श्री विष्णु को पीले चंदन का तिलक लगाएं और पीले फूल अर्पित करें।
– घी का दीपक जलाएं।
– भगवान को ऋतुफल और मिठाई का भोग लगाएं।
– इसके बाद कथा और आरती करें।
– इस बात का ध्यान रखें कि भोग सात्विक होना चाहिए।
इन बातों का रखें ध्यान
– यदि आप पापमोचनी एकादशी का व्रत रखने वाली हैं, तो बेहतर होगा कि इसकी तैयारी पहले से ही कर लें, ताकि व्रत के दिन किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
– एकादशी के दिन चावल का सेवन न करें। क्योंकि इस दिन इसका सेवन वर्जित होता है।
– इस दिन पीले और सफेद कपड़ों के अलावा किसी और रंग को न पहनें।
