बचपन का अधूरा सपना 62 की उम्र में सच, पोती के साथ बैठकर पढ़ीं दादी, अब अपना नाम खुद लिखेंगी बसु बाई

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मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में 62 वर्षीय बसु रघु गांगले ने 62 साल की उम्र में परीक्षा देकर सभी को हैरान कर दिया। उन्होंने बताया कि कि वे रोज शाम को पोती के साथ बैठकर पढ़ाई करती थीं और अब पढ़ना-लिखना समझने लगी हैं।

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