छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में एक युवक ने 2 लड़कियों से शादी की है। एक ही मंडप में उसने दोनों दुल्हन के साथ सात फेरे लिए और साथ जीने-मरने की कसमें खाईं। लेकिन आदिवासी समाज ने इस शादी को लेकर नाराजगी जताई है। आदिवासी समाज ने कहा, ऐसी शादी का समाज समर्थन नहीं करता है, क्योंकि यह उनकी परंपराओं और सामाजिक मर्यादाओं के विपरीत है। युवक ने युवतियों को बहला-फुसलाकर शादी की है। प्रशासन इसकी उच्च स्तरीय जांच करें और सख्त कार्रवाई की जाए। समाज का कहना है कि प्रशासन यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए, तो वे आंदोलन का रास्ता भी अपना सकते हैं। दरअसल, युवक की 2 लड़कियों से शादी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। वीडियो में दूल्हा दोनों दुल्हनों का हाथ थामकर अग्नि के फेरे लेते नजर आ रहा है। जश्न के दौरान दोस्तों और ग्रामीणों ने जमकर डांस करते दिखाई दिए। यह मामला फरसगांव ब्लॉक के बैलगांव का है। पहले देखिए ये तस्वीरें- अब जानिए पूरा मामला जानकारी के मुताबिक, युवक का नाम हितेश यादव है, जो कि खेती किसानी करता है। हितेश की पहली पत्नी शंकरपुर की रहने वाली फुलबती और दूसरी पत्नी बनियागांव गांव की रहने वाली यामिनी है। दूल्हे ने बताया कि पहली लड़की ने मेरा प्रपोजल ठुकरा दिया था, जबकि दूसरी ने तुरंत हां कह दी। इसके बाद पहली लड़की ने भी हां कह दिया। हालात ऐसे बने की दोनों ही शादी के लिए राजी हो गईं। पूरे विधि-विधान से रस्में हुईं विवाह खुले तौर पर गाजे-बाजे के साथ संपन्न हुआ, जिसमें 23 मार्च 2026 को मंडपाच्छादन और हरिद्रालेपन (हल्दी) की रस्में हुईं, जबकि 24 मार्च 2026 को पाणिग्रहण, लग्न और आशीर्वाद समारोह आयोजित किए गए। सभी रस्में पारंपरिक तरीके से पूरी की गईं। ग्रामीणों के अनुसार तीनों परिवारों की रजामंदी, समाज के बुजुर्गों के आशीर्वाद के साथ यह विवाह हुआ ताकि भविष्य में विवाद न हो। सर्व आदिवासी समाज ने जताया विरोध इस मामले पर सर्व आदिवासी समाज ब्लॉक फरसगांव के अध्यक्ष ईश्वर कोर्राम और अन्य पदाधिकारियों ने फरसगांव में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज ऐसी शादी का समर्थन नहीं करता है, क्योंकि यह उनकी परंपराओं और सामाजिक मर्यादाओं के विपरीत है। समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि युवक ने दोनों युवतियों को बहला-फुसलाकर शादी की है। उन्होंने इसे नैतिक रूप से गलत और सामाजिक व्यवस्था को प्रभावित करने वाला बताया। समाज ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की है। आदिवासी समाज में परंपरा अलग इस मामले में अधिवक्ता निपेंद्र मिश्रा ने बताया कि हिन्दू मैरिज एक्ट के तहत कोई व्यक्ति दो विवाह नहीं कर सकता। दूसरा विवाह तभी संभव है, जब पहली पत्नी से विधिवत तलाक लिया गया हो। हालांकि, आदिवासी समाज में अक्सर एक से अधिक विवाह की परंपरा देखी जाती है। ……………………. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… बॉयफ्रेंड ने एक ही मंडप में 2-गर्लफ्रेंड संग रचाई शादी:पहली ने प्रपोजल ठुकराया, दूसरी ने एक्सेप्ट किया, बाद में पहली भी मान गई छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में एक युवक ने दो लड़कियों से शादी की है। एक ही मंडप में उसने दोनों दुल्हन के साथ सात फेरे लिए और साथ जीने-मरने की कसमें खाईं। अब यह शादी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। पढ़ें पूरी खबर…
